वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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अवैध पीतल भट्ठियों की वजह से रविवार और सोमवार को हुई बारिश का वायु प्रदूषण पर असर 24 घंटे भी नहीं हो सका। मंगलवार शाम मुरादाबाद का वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शाम छह बजे एक्यूआई 325 दर्ज किया गया, जो सोमवार शाम सात बजे दर्ज किए गए एक्यूआई की अपेक्षा करीब ढाई गुना है। इसमें भारी कणों का अधिकतम स्तर गंभीर श्रेणी में है। अधिकारियों के अनुसार पीतल भट्ठियों को गैस में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
शहर के गलशहीद, दौलतबाग, बरबलान, नवाबपुरा, नागफनी, लालबाग आदि क्षेत्रों में करीब चार हजार अवैध पीतल भट्ठियां संचालित हो रही हैं। कोयले की भट्ठियों को धधका कर पीतल को गलाने का काम किया जाता है। इसके अलावा नक्काशी और पॉलिश का भी काम हो रहा है। इसकी वजह से वायु प्रदूषण में गैसों के साथ भारी कणों की मात्रा मानक से बहुत ज्यादा होती है।
सुबह आठ बजे से प्रदूषण का स्तर हुआ लाल
मंगलवार सुबह आठ बजे मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 305 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर हो गया था, जो दिनभर लाल श्रेणी में ही रहा। शाम छह बजे एक्यूआई 325 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर पर पहुंच गया। इसमें पीएम 10 का अधिकतम स्तर 409 और पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 478 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 131 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
पीले जोन में रहे आसपास के जनपद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी हमेशा मुरादाबाद की तुलना आस-पास के जनपदों से करते है, लेकिन मंगलवार को स्थिति उलट थी। हमेशा मुरादाबाद के आस-पास रहने वाला प्रदूषण मंगलवार को बुलंदशहर में 147, गाजियाबाद में 137, नोएडा में 138, ग्रेटर नोएडा में 139, मेरठ 108 और मुजफ्फरनगर में 103 एक्यूआई दर्ज किया गया। यह स्तर पीले जोन में आता है।
पीतल भट्ठियों को कोयले के बजाय गैस में तब्दील करने का कार्य स्मार्ट सिटी परियोजना में भी शामिल है। चार चरणों में कार्य पूरा किया जाना है। पहले चरण में शहर की गलियों में गैस की पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो गया है।
- अनुज कुमार, उपायुक्त उद्योग।