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लखनऊ तक पहुंचा अभ्यर्थियों के री-मेडिकल का मामला, यहां अफसर बोले हमारे पास नहीं आई कोई शिकायत

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मुरादाबाद। पुलिस विभाग में सिपाही पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में अनफिट अभ्यर्थियों को फिट करने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को डाक के जरिये पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की गई है जिसे लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। बावजूद इसके मुरादाबाद के पुलिस अफसर कह रहे हैं कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। न ही वो इस मामले में कोई जांच करा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही 2018-19 भर्ती प्रक्रिया चल रही है। लिखित और दौड़ परीक्षा उत्तीर्ण करने के वाले 215 अभ्यर्थियों को मुरादाबाद में मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया था। सात से ग्यारह सितंबर तक मुरादाबाद पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण चला। जिसमें 185 पुरुष और 30 महिला अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें से 18 अभ्यर्थी मेडिकल में शामिल नहीं हुए और नौ कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से उपस्थित नहीं हुए। 21 अभ्यर्थियों को बोर्ड ने अनफिट घोषित कर दिया था। इसमें 15 के पैर टेढ़े, चार की आंखों में कमी तथा दो ईएनटी चिकित्सक ने अनफिट कर दिए थे। इन अनफिट अभ्यर्थियों ने री मेडिकल के लिए अपील की। इसके बाद मंडलीय स्तरीय बोर्ड का गठन किया गया। जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड से अनफिट अभ्यर्थियों के मंडलीय स्तरीय बोर्ड ने इन सभी को फिट घोषित कर दिया। इस मामले पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अहम परतें खुली हैं। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की गई है जिसमें भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला लखनऊ तक पहुंच चुका है। बावजूद इसके मुरादाबाद के पुलिस अधिकारी कर रहे हैं कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। पुलिस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित हुई जांच भी नहीं चल रही है। जबकि पिछले एक सप्ताह से मामला मीडिया में भी सुर्खियों में बना हुआ है।
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उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के सिपाही पद पर भर्ती प्रक्रिया से संबंधित हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। न ही इस मामले में कोई जांच चल रही है।
- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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