शिक्षिका से ठगी में एक और गिरफ्तार
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिक्षिका से 94.78 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दिल्ली के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के 11 बैंकों में खाते हैं। शिक्षिका से ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा आरोपी के खाते में गया था।
आरोपी नवी पूर्व में गिरफ्तार मणिपुर की कोलसन सुनीता के लिए काम करता था। पूरे घटनाक्रम का मास्टर माइंड एक नाइजीरियाई बताया जा रहा है। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार और सीओ क्राइम वरुण कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि 31 अगस्त को कटघर के लाजपतनगर चौकी क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका ने 94.78 लाख रुपये की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शिक्षिका ने बताया कि 25 जुलाई को उसने शादी डॉट काम पर प्रोफाइल बनाई थी।इसके बाद उसके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद का परिचय अमेरिका में रहने वाले अप्रवासी भारतीय डॉ. आरव सिंह दिया। कहा कि वह अमेरिका में जनरल सर्जन है और 15 साल से वह अमेरिका के एक अस्पताल में काम कर रहा है।
उसका विचार भारतीय लड़की से शादी कर वहीं बसने का है। दो दिन बाद उसने कॉल करके बताया कि आपके लिए कुछ पार्सल भेजा है। शिक्षिका उसके प्रभाव में आ गई। इसके दो दिन बाद शिक्षिका के पास एक महिला का फोन आया।
उसने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए शिक्षिका से पार्सल चार्ज के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे। पैसा ट्रांसफर होने के बाद तथाकथित कस्टम अधिकारी ने मनी लॉंड्रिंग के केस में जेल भेजने की धमकी देकर 31 जुलाई से 18 अगस्त के बीच 94 लाख 78 हजार ट्रांसफर करा लिए।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद साइबर क्राइम थाना प्रभारी मनोज परमार की टीम ने नौ सितंबर को दिल्ली में रहने वाली मणिपुर चंदेल जिले के गांव चापिकारोंग निवासी कोलसन सुनीता को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया।
आरोपी कोलसन सुनीता ने अपने नाइजीरियाई एक साथी के साथ मिलकर शिक्षिका को जाल में फंसाया था। बाद में खुद कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करके ठगी की थी। नाइजीरियाई को पकड़ने के लिए ठोस साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे है।