मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायती पत्र भी भेजा
भोजपुर के बहेड़ी बह्मनान निवासी अब्दुल खालिक ने पांच सितंबर को मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रार्थनापत्र भेजा था। इसमें उसने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा गुलाम नबी गांव में जन सेवा केंद्र चलाता है। पांच अगस्त को भोजपुर थाना प्रभारी अमरनाथ वर्मा और उनकी टीम आई और गुलाम नबी को गाड़ी में डालकर ले गई। इसके बाद उसकी हत्या करने के बाद लाश कहीं फेंक दी है। एसएसपी ने जांच कराई तो पता चला कि आरोपी गुलाम नबी के खिलाफ एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने शिकायत की थी। वह स्कूल आने जाने वाली छात्राओं से अभद्रता करता था।
आरोपी का शांतिभंग में किया गया चालान
इस मामले में पांच अगस्त को उसका शांतिभंग में चालान किया गया था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसकी किन्नर बहन की सुपुर्दगी में दे दिया था। झूठे आरोपों में घिरे थाना प्रभारी अमरनाथ ने गुलाम नबी के परिवार से संपर्क किया तो दिल्ली में रहने वाली किन्नर बहन खुशबू ने उनसे पांच लाख रुपये मांगे। इसके बाद पुलिस आरोपी युवक की तलाश में जुट गई थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित सरपंच पंजाबी ढाबा से गुलाम नबी और उसके भाई बाबू को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के पिता अब्दुल खालिक को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार शाम तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी और उनकी टीम को फंसाने की साजिश
मुरादाबाद। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि थाना प्रभारी ने उसके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की थी। जमानत मिलने के बाद वह घर आया था। यहां पिता अब्दुल खालिक, भाई बाबू और किन्नर बहन खुशबू के साथ मिलकर उसने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को फंसाने की साजिश रच डाली थी। साजिश के तहत पिता से मुख्यमंत्री के पास शिकायतीपत्र भिजवा कर अपनी हत्या का आरोप भोजपुर पुलिस पर लगवाया था। इसके बाद अपने किन्नर बहन के साथ दिल्ली भाग गया। पुलिस ने टोल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। जिसमें पुष्टि हुई थी कि गुलाम नबी जिंदा है। वह किन्नर के साथ दिल्ली जाता दिखाई दे रहा था।
पुलिस दिल्ली पहुंची तो आरोपी पश्चिम बंगाल पहुंचा
पुलिस के पास अहम सुराग हाथ गए थे कि वह दिल्ली में अपनी किन्नर बहन के पास है। पुलिस वहां पहुंची तो किन्नर बहन ने अन्य किन्नरों को इकट्ठा कर लिया और पुलिस को लौटना पड़ा। गुलाम नबी को लगा कि पुलिस फिर से आ सकती है। तब वह अपने भाई बाबू के साथ उसके ट्रक पर चला गया। बाबू ट्रक ड्राइवर है। इसके बाद वह यूपी से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक घूमा। पुलिस सर्विलांस की मदद से उसे ट्रेस कर रही थी। बृहस्पतिवार को उसकी लोकेशन लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
साजिश में और हो सकते हैं शामिल
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि युवक को गायब कर थाना प्रभारी से पांच लाख रुपये मांगने की साजिश मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। किन्नर की गिरफ्तारी के बाद अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आ सकते हैं। आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। जिससे पता चलेगा कि कौन-कौन लोग मोबाइल के जरिए गुलाम नबी, बाबू, खालिक और किन्नर खुशबू के संपर्क में थे।