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नए कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू अराजनैतिक की महापंचायत होने के एक दिन बाद ही शनिवार को भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बिलारी में ही राष्ट्रीय किसान मोर्चा की महापंचायत 17 फरवरी को कराने का एलान किया है। उन्होंने कहा, महापंचायत में मुख्य मांग नए कृषि कानून की वापसी और एमएसपी पर खरीद की लिखित गारंटी रहेगी। इस महापंचायत में पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के किसान नेता पहुंचेंगे।
शनिवार दोपहर नगर में गांधी आश्रम रोड स्थित भाकियू असली के कैप कार्यालय पर भाकियू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद हरपाल सिंह ने पत्रकार वार्ता कर आगे की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि तीनों नए कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा द्वारा दिल्ली की सरहदों पर जो अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है, उसमें देश के लगभग 400 किसान संगठन शामिल हैं। इस मोर्चे का भाकियू असली भी एक महत्वपूर्ण घटक है।
अब तक सरकार से किसान संगठनों की 11 दौर की वार्ता होने के बाद भी कोई सम्मान जनक हल नहीं निकला। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान महापंचायतें आयोजित करने का कार्यक्रम बनाया है। इसी कड़ी में पहली महापंचायत 17 फरवरी को बिलारी नगर के सहकारी गन्ना विकास समिति के मैदान पर होने जा रही है।
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दावा किया कि 17 फरवरी की बिलारी की महापंचायत में प्रमुख किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी (हरियाणा), बलवीर सिंह राजेवाल (पंजाब), जगजीत सिंह दल्लेवाल (पंजाब), हन्नान मौला (पश्चिमी बंगाल), मेधा पाटेकर (मध्यप्रदेश) और राजू सिंह (राजस्थान) आदि के पहुंचने की सहमति मिल चुकी है।
कई अन्य किसान संगठनों के मुखियाओं से भी वार्ता चल रही है। तैयारी के क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में टीमें बनाई जा रही हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह और युवा प्रदेश प्रभारी ऋषभ चौधरी भी मौजूद रहे।