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इंसानियत : अपनों ने किया किनारा तो हिंदू महिला को मुस्लिमों ने दिया कंधा, कराया अंतिम संस्कार

Sun, 02 May 2021 04:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

  • राम नाम सत्य बोलते हुए ले गए श्मशान
  • हाईवे से गुजर रहे लोगों में से किसी ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी
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अंतिम यात्रा... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना ने ये भी दिन दिखा दिए हैं कि डर के कारण मौत हो जाने पर पड़ोसी और रिश्तेदार किनारा कर रहे हैं। मुरादाबाद में भी ऐसी घटना हुई तो मुस्लिम भाइयों ने हिंदू महिला को न सिर्फ कंधा दिया, बल्कि राम नाम सत्य बोलकर उसकी अर्थी को श्मशान तक ले गए। 

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मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के गुलाब बाड़ी इंदिरा कॉलोनी की मुस्लिम आबादी में रहने वाले विश्वनाथ की पत्नी मंजू का कोरोना संक्रमित होने के बाद घर पर ही इलाज चल रहा था। रात मंजू ने अपने पति विश्वनाथ से उसे सहारा देकर नहलाने की इच्छा जाहिर की। बीमार पत्नी को विश्वनाथ ने जैसे-तैसे नहलाया। पति के अनुसार, नहलाने के दौरान ही मंजू की हालत बिगड़ने लगी। नहलाने के बाद उसके कपड़े बदले, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और कुछ ही देर में मंजू ने दम तोड़ दिया। 

पत्नी की मौत के बाद पति विश्वनाथ ने सभी रिश्तेदारों को पत्नी मंजू की मौत की ख़बर दी। पास के मोहल्ले में जाकर भी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिये मदद मांगी, लेकिन कोरोना के डर के कारण कोई सामने नहीं आया। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों को विश्वनाथ की परेशानी का पता चला तो वे सभी आ गए और उसे ढांढस बंधाया। 
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उसके बाद हिंदू धर्म के रीति रिवाजों के अनुसार शव को अर्थी पर लेटा कर विश्वनाथ और मुस्लिम समुदाय के लोग कंधा देकर राम गंगा किनारे स्थित श्मशान घाट लेकर चलने लगे। रास्ते भर राम नाम सत्य बोलते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को देखकर हाईवे से गुजर रहे लोगों में से किसी ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।

विश्वनाथ ने बताया कि उसकी पत्नी की कोरोना से मौत के बाद डर की वजह से कोई भी सामने नहीं आया, तब मोहल्ले में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार कराने में पूरी मदद की है। कंधा देने वालों में मंसूर अली, इरफान, साबिर, गुड्डू, रईस, शादाब आदि मुस्लिम समुदाय के अनेक लोग शामिल रहे।

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