सबसे बड़े बकायेदार पर भी शिकंजा
नगर निगम ने शहर में टैक्स के सबसे बड़े बकायेदार मिडटाउन क्लब पर भी शिकंजा कस दिया है। निगम की टीम शनिवार को क्लब पहुंची और बकाया राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की। क्लब पर निगम का 7.49 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स बकाया है। अधिकारियों ने बताया कि क्लब की संपत्तियों और उनके मूल्यांकन की जांच की गई है, जिससे यह तय किया जा सके कि बकाया कर की भरपाई कैसे की जाएगी।
अगर जल्द ही बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो मिडटाउन क्लब को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले निगम की टीम क्लब को कई बार नोटिस भी भेज चुका है। साथ ही क्लब का नाम सबसे बड़े डिफाल्टर के रूप में सार्वजनिक कर चुका है।
टैक्स बकाये पर निगम की बड़ी कार्रवाई, डाकघर सील
नगर निगम की टीम ने टैक्स बकायेदारों के विरुद्ध अभियान जारी रखते हुए सरकारी कार्यालयों को भी सील कर दिया। टीम ने टैक्स बकाये के चलते मुख्य डाकघर, दूरसंचार निगम (बीएसएनएल) और मंडी समिति के कार्यालय को सील कर दिया। सुबह आठ बजे ही हुई इस कार्रवाई से विभागों में हड़कंप मच गया।
बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के दखल देने के बाद निगम ने सील हटाई और विभागों के दफ्तरों में कामकाज शुरू हुआ। नगर निगम ने इससे पहले सरकारी और अर्द्धसरकारी संपत्तियों पर टैक्स बकाया होने की सूची तैयार की थी और उन्हें टैक्स के भुगतान का नोटिस भेजा था।
शुक्रवार को निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य डाकघर, दूरसंचार निगम और मंडी समिति के कार्यालय पर कार्रवाई कर दी। अधिकारियों के अनुसार दूरसंचार विभाग पर 6.65 करोड़, मंडी समिति पर 4.42 करोड़ और डाकघर पर 95 लाख रुपये का टैक्स बकाया है।
टीम ने टैक्स वसूली के लिए कार्रवाई की। निगम की इस कार्रवाई से विभागों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में जिला प्रशासन और विभाग के उच्चाधिकारियों तक यह सूचना पहुंच गई। डाकघर बंद होने की सूचना पाकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया।
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव खुद डाकघर पहुंच गईं और निगम के अधिकारियों को सील हटाने के लिए कहा। साथ ही जल्द ही टैक्स भुगतान कराने का आश्वासन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद करीब दस बजे डाकघर और दूरसंचार विभाग से सील हटा दी गई।
वहीं, दूसरी ओर मंडी समिति ने भी निगम को जल्द टैक्स जमा करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद मंडी समिति के कार्यालय से भी सील हटा दी गई। तीनों विभागों के अलावा टीम ने 15 अन्य संपत्तियों को भी सील किया और कुर्की के नोटिस चस्पा किए।
इस अभियान के दौरान टीम ने कुल 1.18 करोड़ रुपये का टैक्स भी वसूला। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह ने कहा कि वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बकायेदारों पर कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई भी रूटीन का हिस्सा है। कार्रवाई के दाैरान कर निर्धारण अधिकारी प्रमोद कुमार, कर अधीक्षक मंगल सिंह पापड़ा व प्रदीप कुमार भी माैजूद रहे।