मुरादाबाद। रविवार सुबह से ही मौसम साफ था, इसके बावजूद पीतल नगरी के वायु गुणवत्ता सूचकांक का ग्राफ बढ़ गया। सुबह 11 बजे मुरादाबाद का एक्यूआई देश में पहले स्थान पर था। स्थिति यह थी कि मुरादाबाद को छोड़कर देश के सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ से नीचे था, जबकि मुरादाबाद का एक्यूआई 332 दर्ज किया गया। शाम होते-होते प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दूषित हवा बरकरार रही। शाम सात बजे मुरादाबाद का वायु प्रदूषण 308 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था।
मुरादाबाद के वायु प्रदूषण पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनजीटी और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नजर रहती है। इसके बावजूद वायु प्रदूषण में सुधार नियमित नहीं हो पा रहा है। 14 दिन राहत के बाद शनिवार शाम से वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार सुबह 11 बजे यह स्तर 332 एक्यूआई दर्ज किया गया था, जिसमें भारी कणों के अलावा नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर भी मानक से अधिक दर्ज किया गया।
मानक से सात गुना है पीएम 2.5 का स्तर
वातावरण में भारी कणों की मात्रा विशेषकर पीएम 2.5 मानक से सात गुना अधिक है। 24 घंटे में पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए, लेकिन रविवार को इसका अधिकतम स्तर 425, औसत 332 और न्यूनतम 226 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 384, न्यूनतम 140 और औसत 231 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 104, औसत 63 और न्यूनतम 30 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
शाम होते ही धुआं उगलती हैं चिमनियां
प्रदूषण के बढ़ते स्तर से चिंतित एनजीटी ने जनरेटर तक बंद कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन शहर में अवैध पीतल भट्ठियों की चिमनियां जहरीला धुआं उगलती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण से बचने के लिए अब अवैध पीतल भट्ठी संचालक दिन में भट्ठी जलाने के बजाय शाम होने का इंतजार करते हैं और शाम से लेकर आधी रात तक पीतल भट्ठियां धधकती हैं। इसको लेकर कई बार स्थानीय नागरिकों ने ही शिकायतें की हैं, इसके बावजूद इन अवैध पीतल भट्ठियों धधकने पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
कबाड़ में भी लगाते हैं आग
शहर की गलियों में कबाड़ से धातु बीनने का कार्य किया जा रहा है। यह कबाड़ आस-पास के शहरों और दूसरे प्रदेशों से भी लाया जाता है। कबाड़ को पिघलाने के लिए भट्ठियों में उसे जलाया जाता है। इसके बाद धातु निकालकर राख को छानकर काली मिट्टी के रूप में इसे बेचा जा रहा है।
खिली चटख धूप, बढ़ा न्यूनतम तापमान
रविवार सुबह से ही आसमान साफ था। दिन में चटख धूप खिली। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान .6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता सुबह के समय 64 फीसदी और शाम को 58 फीसदी दर्ज की गई। हवा पश्चिम से पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा रही।
24 घंटे में 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है मानक
मुरादाबाद का वायु प्रदूषण विषय पर शोध कर रहे शोधार्थी अतुल कुमार चौहान ने बताया कि किसी भी तरह के ईंधन या धातु जलने से नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है। शहर में धधकने वाली अवैध पीतल भट्ठियां या फिर कबाड़ में लगने वाली आग इस वायु प्रदूषण के स्तर के बढ़ने का कारण हो सकती है। इस आग से वायु प्रदूषण में भारी धातु कण निकलते हैं, जो मानव जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं। वातावरण में 24 घंटे में नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का मानक 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है। इससे अधिक होने पर यह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
नोट....
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर सुबह 11 बजे जारी किए गए प्रदूषण के आंकड़े
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 332
कानपुर 300
बुलंद शहर 297
पटना 297
यमुना नगर 295
फतेहाबाद 294
सिंगरौली 291
अंबाला 291
मेरठ 289
भिवाड़ी 277
गाजियाबाद 273
जींद 272