विवादों से जुड़ा रहा है मिडटाउन क्लब का नाम
रामगंगा विहार में बना मिडटाउन क्लब एमडीए का कम्युनिटी सेंटर है। क्लब का नाम विवादों से जुड़ा रहा है। यह महज एक लाख रुपये महीने के किराये पर है। यहां एक बार में तीन से चार शादियां होती हैं। इसमें किरायेदार द्वारा होटल और बार भी संचालित किया जा रहा है। लीज की शर्तों का उल्लंघन करके किरायेदार ने स्वीमिंग पूल को पाट दिया। मनचाहे तरीके से निर्माण करा लिए, लेकिन एमडीए इसे खाली नहीं करा सका।
एमडीए ने जब भी इसे खाली कराने की कोशिश की तो मामला कोर्ट कचहरी में चला गया। लीज की शर्तें ऐसी हैं कि इसे खाली कराना मुश्किल हो गया है। अरबों रुपये की यह संपत्ति महज एक लाख रुपये महीने के किराये पर है। एमडीए की टीम यहां अवैध निर्माण की सूचना पाकर मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि तब टीम को बंधक बना लिया गया था। इस मामले में रजनी जैन की गिरफ्तारी भी हुई थी। संपत्ति का विवाद अभी भी कोर्ट में चल रहा है।
नगर निगम को पहली बार मिला 118 करोड़ रुपये का राजस्व
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 118 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूल कर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। निगम को पहली बार 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार 26.88 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है।
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को 3.21 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला।
इससे निगम ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 85.37 करोड़ रुपये टैक्स और 33.16 करोड़ रुपये नॉन टैक्स (किराया और विज्ञापन) प्राप्त किया। इस तरह निगम को कुल 118.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगर निगम की झोली में कुल 93 करोड़ आए थे।
अंतिम माह में 40 प्रतिशत वसूली
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 118.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। इसमें से 48.34 करोड़ रुपये का राजस्व वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च-2025 में आया है। यह कुल वसूली का 40.78 प्रतिशत है। वहीं, निगम ने फरवरी तक कुल 70.19 रुपये का राजस्व ही प्राप्त किया था।
योजनाबद्ध तरीके से टैक्स वसूलने से यह उपलब्धि मिली है। कर्मचारियों ने दिन-रात काम कर निगम का राजस्व बढ़ाया है। शहर में रिकॉर्ड राजस्व वसूला गया है। नए वित्तीय वर्ष में दोगुने जोश से कार्य होगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
पांच वर्षों का आंकड़ा
वित्तीय वर्ष टैक्स कुल राजस्व
2020-21 24 करोड़ 36 करोड़
2021-22 23 करोड़ 37 करोड़
2022-23 31 करोड़ 46 करोड़
2023-24 46 करोड़ 93 करोड़
2024-25 82 करोड़ 118.53 करोड़