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Moradabad: विवादों से जुड़ा रहा मिडटाउन क्लब भी सील.. दो माॅल पर भी लगा ताला, निगम को 118 करोड़ का मिला राजस्व

Tue, 01 Apr 2025 03:22 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद नगर निगम ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मिडटाउन क्लब, पीवीआर और वेव मॉल की संपत्तियों को सील कर दिया। इस दौरान 3.21 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला गया। निगम ने मिडटाउन क्लब पर 7.49 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स होने की बात कही है। 
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नगर निगम मुरादाबाद - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुरादाबाद नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर संपत्तियों को सील कर दिया। निगम के सबसे बड़े बकायेदार मिडटाउन क्लब पर भी कार्रवाई की गई। मिडटाउन क्लब पर निगम का सात करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स बकाया है। मिडटाउन क्लब एनआरएचएम घोटाले के आरोपी सौरभ जैन की पत्नी रजनी जैन के नाम है।

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रजनी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की करीबी मानी जाती हैं। वहीं निगम की टीम ने कांठ रोड स्थित पीवीआर और वेव माॅल को भी सील कर दिया।  मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह के नेतृत्व में सोमवार को ईद की छुट्टी के दिन भी बकायेदारों के विरुद्ध अभियान चलाया गया। निगम की टीम ने अंतिम दिन बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की।

अभियान के दौरान निगम की टीम ने 15 अन्य संपत्तियों को भी सील किया। साथ ही टीम ने अंतिम दिन 3.21 करोड़ रुपये का टैक्स भी वसूला। इसके अलावा टीम ने विद्युत विभाग से 22 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। मिडटाउन क्लब पर हाउस और वाटर टैक्स का 7.49 करोड़ रुपये का टैक्स बाकी है।
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निगम की टीम ने क्लब को शहर का सबसे बड़ा डिफाल्टर घोषित करते हुए इसका नाम भी सार्वजनिक किया था। वहीं, पीवीआर और वेव मॉल पर भी निगम के बकायेदारों की सूची में थे। निगम की टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए संपत्तियों को सील कर दिया। सीलिंग की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया।

मौके पर ही पीवीआर ने 15 लाख और वेव मॉल ने 32 लाख रुपये का टैक्स जमा कर दिया। इसके बाद दोनों माॅल की सील खोल दी गई। हालांकि, अभी सील नहीं खोली गई है।  अभियान में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के अलावा कर निर्धारण अधिकारी प्रमोद कुमार, कर अधीक्षक प्रदीप कुमार चौधरी और मंगल सिंह पापड़ा समेत सभी राजस्व निरीक्षक और ईटीएफ के जवान भी मौजूद रहे।

विवादों से जुड़ा रहा है मिडटाउन क्लब का नाम 
रामगंगा विहार में बना मिडटाउन क्लब एमडीए का कम्युनिटी सेंटर है। क्लब का नाम विवादों से जुड़ा रहा है। यह महज एक लाख रुपये महीने के किराये पर है। यहां एक बार में तीन से चार शादियां होती हैं। इसमें किरायेदार द्वारा होटल और बार भी संचालित किया जा रहा है। लीज की शर्तों का उल्लंघन करके किरायेदार ने स्वीमिंग पूल को पाट दिया। मनचाहे तरीके से निर्माण करा लिए, लेकिन एमडीए इसे  खाली नहीं करा सका।

एमडीए ने जब भी इसे खाली कराने की कोशिश की तो मामला कोर्ट कचहरी में चला गया। लीज की शर्तें ऐसी हैं कि इसे खाली कराना मुश्किल हो गया है। अरबों रुपये की यह संपत्ति महज एक लाख रुपये महीने के किराये पर है। एमडीए की टीम यहां अवैध निर्माण की सूचना पाकर मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि तब टीम को बंधक बना लिया गया था। इस मामले में रजनी जैन की गिरफ्तारी भी हुई थी। संपत्ति का विवाद अभी भी कोर्ट में चल रहा है।

नगर निगम को पहली बार मिला 118 करोड़ रुपये का राजस्व
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 118 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूल कर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। निगम को पहली बार 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार 26.88 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। 
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को 3.21 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला।

इससे निगम ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 85.37 करोड़ रुपये टैक्स और 33.16 करोड़ रुपये नॉन टैक्स (किराया और विज्ञापन) प्राप्त किया। इस तरह निगम को कुल 118.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगर निगम की झोली में कुल 93 करोड़ आए थे।

अंतिम माह में 40 प्रतिशत वसूली 
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 118.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। इसमें से 48.34 करोड़ रुपये का राजस्व वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च-2025 में आया है। यह कुल वसूली का 40.78 प्रतिशत है। वहीं, निगम ने फरवरी तक कुल 70.19 रुपये का राजस्व ही प्राप्त किया था। 
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 योजनाबद्ध तरीके से टैक्स वसूलने से यह उपलब्धि मिली है। कर्मचारियों ने दिन-रात काम कर निगम का राजस्व बढ़ाया है। शहर में रिकॉर्ड राजस्व वसूला गया है। नए वित्तीय वर्ष में दोगुने जोश से कार्य होगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त 

पांच वर्षों का आंकड़ा
वित्तीय वर्ष    टैक्स     कुल राजस्व  
2020-21  24 करोड़  36 करोड़ 
2021-22  23 करोड़  37 करोड़ 
2022-23  31 करोड़  46 करोड़ 
2023-24  46 करोड़  93 करोड़ 
2024-25  82 करोड़  118.53 करोड़
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