मुरादाबाद में इस बार सपा ने खेला हिंदू कार्ड
मुरादाबाद लोकसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य मानी जाती है। इस पर सपा ने पहली बार हिंदू कार्ड खेलकर सभी को चौंका दिया। अब तक सपा इस सीट पर केवल मुस्लिम प्रत्याशी पर ही दांव लगाती रही है। पहली बार देखने को मिला है कि सपा ने इस सीट पर किसी महिला को मौका दिया।
सपा ने पहली बार 1996 में मुरादाबाद लोकसभा सीट पर डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा था। तब वह जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे। उस चुनाव से लेकर 2019 तक सपा इस सीट पर प्रत्याशी उतारी रही लेकिन कभी हिंदू प्रत्याशी को मौका नहीं दिया।
भाजपा और सपा में सीधी टक्कर
तमाम सियासी दांवपेच के बीच मुरादाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीधी टक्कर ही देखने का मिल रही है। जिले भर के अधिकांश मतदाताओं के बीच कमल और साइकिल को लेकर ही बात चल रही है।
बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी, मतदान प्रतिशत, दलों की गुटबाजी भी जीत-हार में अहम होगी। लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभाओं में 20.56 लाख मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत 12 उम्मीदवार रहे। दलों के भीतरघात भी चुनावी समीकरण को बदल सकते हैं। फिलहाल मुरादाबाद का 18वां सांसद बनने का गौरव किसको मिलेगा, ये चार जून को मतगणना के बाद तय होगा।