संभल के सात साल पुराने हत्या के मामले में जिला जज की अदालत ने मुलजिम पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के तुर्तीपुरा निवासी फारिक हुसैन ने सालिम, उसके पिता फरहत और भाई गालिब के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि 27 दिसंबर 2016 की शाम करीब छह बजे वह अपने बेटे आरिफ के साथ प्राथमिक पाठशाला में आग ताप रहा था।
यहां अनवर हुसैन, मोहम्मद तहसीन और साजिद भी बैठे थे। इसी दौरान वहां बैठे सालिम से आरिफ की कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान सालिम भागकर अपने पिता फरहत भाई गालिब को लेकर मौके पर पहुंच गया। फरहत ने मेरे बेटे आरिफ के सिर में गोली मार दी थी। जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने 31 दिसंबर 2016 को फरहत को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया था। पुलिस ने विवेचना करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई जिला जज डॉ. अजय कुमार की अदालत में चली। डीजीसी नितिन गुप्ता और एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने सरकार की ओर से पक्ष रखा और दलीलें दीं। सुनवाई के दौरान सालिम की मृत्यु हो चुकी है।
अदालत ने आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए आजवीन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दोनों पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिसमें से 75 प्रतिशत रकम पीडि़त परिवार को दी जाएगी।