कोचिंग सेंटर संचालकों की मदद से छात्रों को फंसाया
हरदोई निवासी अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि चंद्रमोहन सक्सेना ने डी-फार्मा के आठ छात्रों से 12 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उन्हें एमजीआर यूनिवर्सिटी चेन्नई की फर्जी डिग्री दे दी। बीएमएस के एक छात्र से छह लाख रुपये लेकर फर्जी मार्कशीट और डिग्री दी। अमरेंद्र शर्मा का दावा है कि चंद्रमोहन शर्मा डेढ़ दर्जन से अधिक इंस्टीट्यूट का संचालन कर रहा है। वह कोचिंग संचालकों को उनके छात्र-छात्राओं को डिग्री और मार्कशीट देने बहाने रुपये ठग रहा है।
मकान के बाहर बोर्ड लगाकर फर्जी डिग्री के साथ ही बांट रहा मान्यता
पुलिस की जांच में सामने आया है कि चंद्रमोहन सक्सेना अलग-अलग जिलों और शहरों में कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को फर्जी डिग्री और मार्कशीट बांटने के साथ ही वह इंस्टीट्यूट को मान्यता भी बांट रहा था।इसके लिए वह लोगों से मोटी रकम ले रहा था। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद इसके गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे जानकारी हो जाएगी।
कटघर थाने में चंद्रमोहन सक्सेना, संजय गोस्वामी समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट कहां तैयार की गई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इसका पता चल पाएगा। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। -कुमार रणविजय सिंह, एसपी सिटी