मुरादाबाद में हाउस टैक्स के लिए पीतलनगरी में हुए जीआईएस (ज्योग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे को लेकर निगम में शिकायतों की भरमार है। अब भी निगम के पास गृह कर के 1700 से अधिक मामले लंबित पड़े हुए हैं। निगम को हर दिन 15 से 20 आपत्तियां प्राप्त हो रही हैं।
नगर निगम ने जीआईएस सर्वे के बाद की पहली छमाही में 22 करोड़ आठ लाख रुपये का टैक्स वसूला है। वहीं पिछले वर्ष पहली छमाही में निगम ने 19 करोड़ 73 लाख रुपये की वसूली की थी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि नए निर्माण और नई संपत्तियों की वजह से टैक्स में बढ़ोतरी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार इस बार 8790 नए भवन और 50 हजार ऐसे भवनों से टैक्स वसूला गया है, जिन्होंने पहले कभी टैक्स नहीं जमा किया था।
केस एक: मंडी चौक के रहने वाले आशीष अग्रवाल का आरोप है कि उनके भवन को व्यावसायिक वर्ग में रखा गया है, जबकि घर में एक भी दुकान नहीं है और न ही कोई किरायेदार है। इसको लेकर भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
केस दो: सराफा बाजार के संदीप मित्तल का कहना है कि उनकी बाजार में दुकान है। उन्हें पूरे भवन का हाउस टैक्स जमा करने का नोटिस भेजा गया है। इसको लेकर उन्होंने निगम में शिकायत भी दर्ज कर दी है।
सभी आपत्तियों की स्थलीय जांच की जाएगी। इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए निगम की ओर से कैंप भी लगाए जाएंगे। इससे पहले भी कैंप लगाकर आपत्तियों का निस्तारण किया गया था, जो भी नई आपत्तियां हैं उनको भी जल्द निस्तारित किया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त