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UP: एल्युमिनियम और स्टील पर अमेरिकी टैरिफ से मुरादाबाद के निर्यातक बेचैन, तैयार उत्पादों के डंप होने का खतरा

Sat, 01 Mar 2025 06:06 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

अमेरिका द्वारा एल्युमिनियम और स्टील पर टैरिफ लगाने से मुरादाबाद के निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी खरीदारों ने ई-मेल कर पीतल उत्पादों में इन धातुओं का मिश्रण न करने को कहा है, जिससे तैयार माल डंप होने का खतरा बढ़ गया है। निर्यातकों को अब उत्पादों में बदलाव करना होगा, जिससे मुनाफे पर असर पड़ेगा।
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पीतल की मूर्तियां खरीदती महिलाएं - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा एल्युमिनियम और स्टील पर टैरिफ लगाने की घोषणा से पीतलनगरी के निर्यातक बेचैन हैं। अमेरिकी खरीदारों ने पीतलनगरी के निर्यातकों को ई-मेल भेजकर पीतल के उत्पादों में एल्युमिनियम और स्टील का मिश्रण न करने को कहा है। खरीदारों ने कहा है कि इन दोनों धातुओं पर टैरिफ लगने से उत्पाद महंगा हो जाएगा और फिर खरीदना मुश्किल होगा। 

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वहीं निर्यातकों का कहना है कि अब इन दाेनों धातुओं के मिश्रण से तैयार माल डंप होने का खतरा बढ़ गया है। निर्यात फर्म जेएमडी इंटरनेशनल आईएमसी के एमडी एवं यस के चेयरमैन विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके पास अमेरिका के एक खरीदार ने ई-मेल किया है, जिसमें पीतल उत्पादों में एल्युमिनियम और स्टील का मिश्रण न करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि पीतलनगरी के निर्यातक पीतल के माल को चमकदार बनाने के लिए अन्य धातुओं का मिश्रण करते हैं लेकिन अब यह मिश्रण परेशानी पैदा कर सकता है। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवेदुर्हमान ने भी कहा कि उन्हें भी खरीदार ने मेल भेजकर यही बात कही है।
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उन्होंने बताया कि अब विदेश से ऑर्डर हासिल करने वाले निर्यातकों को उत्पादों में तब्दीली करनी होगी। अब मिश्रित धातुओं से बना तैयार माल डंप होने का खतरा भी बढ़ गया है। यह माल अब किसी और देश में भेजना पड़ेगा लेकिन वहां से उतरा मुनाफा नहीं होगा। फेयर में भी माल खपाना मुश्किल होगा। टैरिफ लगने से निर्यातकों के समक्ष गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

2500 निर्यातक हैं जिले में, नवंबर तक 7055 करोड़ रूपये का हुआ निर्यात 
विदेश से नियमित कारोबार करने वाले पीतलनगरी में करीब 2500 निर्यातक हैं लेकिन सरकारी रिकाॅर्ड में निर्यात के लिए 9000 लोगों ने पंजीकरण कराया है। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि नवंबर तक पीतलनगरी से 7055 करोड़ रुपये के उत्पाद का निर्यात हुआ है।

2023-24 में कुल निर्यात 10,128 करोड़ रुपये हुआ था। निर्यातकों का एक बड़ा वर्ग अपना माल मुंबई या दिल्ली के कारोबारियों को देकर निर्यात करते हैं। मुंबई या अन्य स्थानों के कारोबारी पीतलनगरी के उत्पाद पर अपना आईसी कोड लगाकर उसे विदेश भेजते हैं।

इंतजार कर रहे निर्यातक
निर्यात फर्म ग्लोबल एक्सपोर्ट के मालिक एवं हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि कुछ दिनों में टैरिफ का मामला सुलझने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अमेरिका की बाइक, दवाएं, ऑटो पार्ट्स, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर टैरिफ घटाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद अमेरिका भी टैरिफ हटा सकता है। इसलिए अभी इंतजार कर रहे हैं।
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बाजार ठंडा होने से निर्यातकों में माल निकालने की मची होड़ 
निर्यात बाजार ठंडा होने के कारण निर्यातकों में माल निकालने की होड़ लगी है। इसी कारण ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले फेयर में स्टॉल लगाने के लिए क्षमता से दोगुना आवेदन हुए हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में ईपीसीएच की ओर से 16 से 19 अप्रैल तक हस्तशिल्प फेयर का आयोजन किया जाएगा। फेयर में स्टॉल लगाने के लिए 40 हजार वर्गमीटर स्थान आरक्षित है।

यहां स्टाॅल लेने के लिए पीतलनगरी सहित अन्य निर्यातकों में होड़ मची है। विदेशी खरीदारों को अपना माल दिखाने और ऑर्डर लेने के लिए फेयर एक बड़ा प्लेटफाॅर्म माना जाता है। ईपीसीएच के सीओए अवधेश अग्रवाल ने बताया कि स्टॉल के लिए क्षमता से दोगुना आवेदन आए हैं। स्टाॅल लगाने पर प्रदेश सरकार से निर्यातकों को डेढ़ लाख तक की सब्सिडी मिलती है। पहले यह फेयर फरवरी में लगाता था लेकिन बार अप्रैल में आयोजन होगा। 
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