फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad: इंटर तक के सरकारी स्कूलों में हर 19 वां छात्र बीमार, आंखें कमजोर, दांतों में लग रहे हैं कीड़े

Sun, 05 Apr 2026 10:48 AM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के स्कूलों में 1.30 लाख से अधिक बच्चों की जांच में हर 19वां छात्र बीमार पाया गया। ज्यादातर बच्चों में आंखों की कमजोरी, दांतों में कीड़े, त्वचा रोग, कान बहना और खून की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं।
विज्ञापन
doctor - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल-काॅलेजों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत जांच में खराब मिली है। किसी की आंखें कमजोर हैं तो किसी के दांतों में कीड़े लगने लगे हैं। कोई त्वचा रोग से परेशान है तो किसी को कान बहने की शिकायत है। इसका खुलासा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 1511 स्कूलों में कराए गए स्वास्थ्य परीक्षण में हुआ है।

विज्ञापन


जहां 1,30,779 बच्चों की जांच में हर 19वां बीमार मिला। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल-काॅलेजों के छात्र-छात्राओं का साल में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिए 19 टीमें बनाई गई हैं।

अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक जिले के 1511 स्कूलों में टीमें पहुंचीं। इन स्कूलों में 1,30,779 बच्चों की सेहत की जांच की गई। इनमें 6844 बच्चे बीमार पाए गए। इनमें आधे से ज्यादा बच्चों में आंखें कमजोर होने, दांतों में कीड़े लगने, शरीर में दाने व खुजली होने, कान बहने की शिकायत रही। इसके अलावा बच्चों में खून की कमी भी पाई गई।

विज्ञापन

हर ब्लाॅक में डाॅक्टरों की दो टीमें
आरबीएसके के तहत स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 19 टीमें बनाई गई हैं। आठ ब्लाॅकों में 16 टीमें लगाई गई हैं। जबकि तीन टीमें शहरी क्षेत्र में काम करती हैं। एक टीम में एक डाॅक्टर और दो पैरामेडिकल स्टाफ होता है।

2348 बच्चों को डीआईसी किया गया रेफर
डाॅक्टरों की टीमों ने 1,30,779 स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें बीमार मिले 6844 बच्चाें को इलाज के लिए सीएचसी-पीएचसी भेजा गया। यहां 2384 बच्चों को इलाज के लिए डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) रेफर कर दिया गया।

जांच में 102 बच्चे मिले सर्जरी के लिए
मुरादाबाद। डाॅक्टराें की जांच में 102 बच्चे ऐसे में मिले जिन्हें सर्जरी के लिए चिह्नित किया गया। इन बच्चों में कटे होंठ व तालू, टेढ़े पैर, दिल की बीमारी, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट आदि की शिकायत रही। इनमें से 75 बच्चों का प्रदेश अलग-अलग अस्पतालों में सर्जरी करा दी गई है। 27 बच्चों की सर्जरी प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

आरबीएसके के तहत स्कूली बच्चों की जांच कराई जाती है। जो बच्चे बीमार मिलते हैं उनका सीएचसी-पीएचसी और डीईआईसी में इलाज कराया जाता है। सर्जरी वाले चिह्नित बच्चों को निजी अस्पताल और सरकारी मेडिकल काॅलेज में भेजा जाता है। - डाॅ. प्रवीण श्रीवास्तव, नोडल आरबीएसके
 
 बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है। इससे उन्हें बीमारी जल्दी घेर लेती है। इसके अलावा खानपान की कमी और साफ-सफाई का अभाव भी बीमारी के कारण बनते हैं। - डाॅ. बीर सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें