बिजली विभाग की टीम अब सूर्यास्त के बाद छापा नहीं मारेगी। यदि महिला घर में है तो दिन में रेड डालने के लिए भी दस्ते में महिला सदस्य का होना अनिवार्य होगा। विधान परिषद की विद्युत व्यवस्था जांच समिति के अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।
समिति ने निर्णय लिया कि मीटर रीडिंग करते समय कर्मचारी अपने गले में आईडी डालकर संबंधित घरों या दुकानों में जाएंगे। वे मकान मालिक को बुलाकर रीडिंग की बिल हाथ में सौंपेगे। कर्मचारी बिल को लावारिस हाल में फेंककर नहीं जाएंगे। पहले मकान मालिक के नहीं मिलने पर कर्मचारी बिल फेंककर चले जाते थे।
एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने बताया कि 1200 करोड़ की धनराशि केंद्र सरकार से मिली है। इनमें 480 करोड़ रुपये स्मार्ट मीटर के लिए मिले हैं। इसी प्रकार 400 करोड़ सपोर्ट में मिले हैं। 424 करोड़ से विद्युत जर्जर तारों को बदला जाएगा।
40 करोड़ रुपये नगर निगम को छोड़कर नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों की बिजली के लिए खर्च होंगे। 40 करोड़ विद्युत सुरक्षा के लिए रखे जाएंगे। 2025 तक विद्युत व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त करने का लक्ष्य है। जिले में हर जगह जगमग हो जाएगा।
बैठक में विधायक रितेश गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह,एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो, अशोक कटारिया, महापौर विनोद अग्रवाल, कुंवर महाराज, डीएम मानवेंद्र सिंह, सीडीओ सुमित यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष आकाश पाल, महानगर अध्यक्ष संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।