100 से ज्यादा झोलाछापों को फर्जी रजिस्ट्रेशन दे चुका है इरशाद
जिले में 100 से ज्यादा झोलाछापों को आरोपी इरशाद सीएमओ कार्यालय का फर्जी रजिस्ट्रेशन दे चुका है। स्वास्थ्य विभाग डेढ़ साल पहले भी इसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुका है। अब एक बार फिर डिप्टी सीएमओ ने आरोपी के खिलाफ मझोला थाने में तहरीर दी है।
वहीं सीएमओ व क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी की कार्रवाई में कई बीएनवाईएस डिग्री धारकों के क्लीनिक एलोपैथ व आयुर्वेद में अभ्यास करने के कारण बंद कराए गए हैं।
क्या होता है बीएनवाईएस
बीएनवाईएस का पूरा नाम बैचलर इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज है। देश में कई कॉलेज इसकी पढ़ाई करा रहे हैं। 2013-14 में भारत सरकार की एक कमेटी ने इस पैथी को मान्यता दी थी, लेकिन इनके रजिस्ट्रेशन के लिए राज्यों में कोई व्यवस्था नहीं है।
अखिल भारतीय स्तर पर इनकी कोई अधिकृत काउंसिल भी नहीं है। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि बीएनवाईएस को किसी मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त नहीं है। यह केवल प्राकृतिक संसाधनों व योग के जरिये चिकित्सा कर सकते हैं।
फर्जी बीएनवाईएस प्रमाणपत्र बेचने वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है। कूटरचित अभिलेख तैयार करने, फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करने, मरीजों को हैवी एंटीबायोटिक देने के मामले में झोलाछाप के खिलाफ भी तहरीर दी गई है। ऐसे सभी क्लीनिक सील किए जा रहे हैं। - डॉ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ