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मुरादाबाद डीएम की कार्रवाई: 500 से अधिक कर्मियों की संबद्धता खत्म, मूल के बजाय दूसरे विभागों में कर रहे थे काम

Wed, 07 May 2025 11:41 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद जिले में 500 से अधिक कर्मचारियों की अन्य विभागों में चल रही संबद्धता खत्म कर दी गई है। डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। लंबे समय से संबद्धता पर काम कर रहे लिपिक, आशुलिपिक और शिक्षकों को अब अपने मूल विभाग में लौटना होगा। 
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मुरादाबाद जिलाधिकारी अनुज सिंह - फोटो : सूचना
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विस्तार
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अपनी मूल तैनाती के बजाय दूसरे विभागाें में कार्य कर रहे जिले के 500 से ज्यादा कर्मचारियों की संबद्धता खत्म कर दी गई है। अब यह सभी कर्मचारी अपने मूल तैनाती वाले विभाग में ही कार्य करेंगे। इस मामले में डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इस आदेश के बाद संबद्ध चल रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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जिले के विभिन्न विभागों में ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी मूल तैनाती कहीं और है, लेकिन किसी कारणवश उन्हें दूसरे विभागों में संबद्ध किया गया है। कोई पांच साल से तो कोई दस साल से संबद्धता पर अपनी सेवाएं दे रहा है। जिले में तृतीय श्रेणी के ऐसे कर्मचारियों की संख्या 500 से अधिक है। इसमें लिपिक, आशुलिपिक और शिक्षक शामिल हैं। 

इन कर्मचारियों को संबद्धीकरण विभाग से प्राप्त उपस्थिति सत्यापन आख्या के आधार पर मूल विभाग से उनका वेतन जारी हो रहा है। डीएम ने इसे अनुचित ठहराते हुए आपत्ति जताई है।

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पूर्व में दिए गए सभी आदेश निरस्त
डीएम ने कर्मचारियों की संबद्धता के संबंध में पूर्व में विभिन्न स्तरों से निर्गत सभी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही निर्देशित किया है कि सभी कर्मचारी अपने मूल तैनाती विभाग या स्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। इस संबंध में डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। मूल विभाग में कार्य न करने पर डीएम ने वेतन रोकने के भी निर्देश दिए हैं।
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कर्मचारियों के अटैचमेंट के सभी ऑर्डर निरस्त कर दिए गए हैं। कर्मचारियों को अपने मूल तैनाती विभाग में जाना होगा। अटैच कर्मचारियों के वेतन रोकने के लिए भी मुख्य कोषाधिकारी को लिखा पत्र गया है। - अनुज सिंह, डीएम
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