पांच दिसंबर को मुरादाबाद के कांठ थाने में दर्ज कराए गए धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई जमानत पर रिहा होकर अपने घर पहुंच गए। दोनों भाइयों ने कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस से इस मामले में सहयोग मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि बिना किसी परेशानी के वह अपने घर पहुंच गए हैं।
धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के अंतर्गत पांच दिसंबर को कांठ थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। जिसमें बिजनौर निवासी एक महिला ने नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी युवक और उसके भाई पर उसकी बेटी का जबरन धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में छह दिसंबर को पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही इस मामले की पीड़ित युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराकर उसे नारी निकेतन भेजा गया था। तभी से दोनों भाई जेल में थे। इधर, पुलिस द्वारा की गई मामले की जांच में जबरन धर्मांतरण कराए जाने का कोई
भी साक्ष्य नहीं मिला।
जिसके बाद कांठ पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को रिमांड पर न लेने का निर्णय लिया था। वहीं इस मामले में पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 169 की रिपोर्ट को भी सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शुक्रवार को आरोपी दोनों भाइयों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे।