पहले ही बेच थी दुकानें, राजनीतिक षड्यंत्र के तहत हुई कार्रवाई : आभा चौधरी
आराध्यम बिजनेस सेंटर बुद्धि विहार की एमडी एवं कांग्रेस नेता सचिन चौधरी की पत्नी आभा चौधरी का कहना है कि 2017 में आवास विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराने के बाद 2018 तक पूरा कॉम्प्लेक्स ग्राहकों को बेच दिया गया था। उनकी कंपनी आराध्यम इन्फ्रा बिल्डर का ऑफिस गाजियाबाद में है। सभी दुकानों की रजिस्ट्री पहले ही कर दी थी।
कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर पुलिस के साथ आए थे और ग्राहकों के ऑफिस पर एक खाली पर्चा लगाकर सील किया गया है। आरोप लगाया कि ग्राहकों को धमकाया गया और गाली-गलौज भी की गई। डरा धमका कर उनके ऑफिस के सामान की सूची बनाकर कहा गया कि सभी सामानों की नीलामी होगी।
चुनाव लड़ने के बाद शुरू हुआ राजनीतिक षड्यंत्र
आभा चौधरी का तर्क है कि उनके पति सचिन चौधरी 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़े हैं। इसके बाद से ही पति के खिलाफ आए दिन कोई न कोई मुकदमा दर्ज होता है। मेरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र किया जा रहा है। मुझे विश्वास है यह सब ज्यादा दिन नहीं चलेगा। सरकार बदलेगी तो समय बदलेगा।
वहीं कांग्रेस नेता सचिन चौधरी का कहना है कि उन्होंने बिल्डर्स कंपनी से 2016 में त्याग पत्र दे दिया था। बुद्धि विहार स्थित आराध्यम बिजनेस सेंटर में कांग्रेस का या मेरा कोई कार्यालय भी नहीं है। मेरे परिवार को राजनीतिक द्वेष भावना के चलते परेशान किया जा रहा है। मुझे कमजोर कर डराने की कोशिश की जा रही है।