मुरादाबाद। नगर निगम में विकास कार्यों को प्रदर्शित करने वाले अधिकांश शिलापटों से मुख्यमंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधि का नाम गायब है। केवल महापौर का नाम ही लिखा गया है। इस आरोप के साथ शहर विधायक रितेश गुप्ता ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है। उन्होंने इस बाबत शासनादेश का भी हवाला दिया है और साथ ही ऐसे शिलापटों के फोटो भी भेजे हैं। शासन के निर्देश पर इस मामले में कई विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी किया गया है।
नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के अनेक स्थानों पर विकास कार्य कराए गए हैं। कहीं सड़क सुधार कार्य कराया गया है तो कहीं पार्क के सुंदरीकरण का कार्य। इन कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए उद्घाटन के मौैके पर विकास कार्य से संबंधित शिलापट लगाए जाने का प्रावधान है। उसी के तहत शहर में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए शिलापट लगाए गए हैं। इस पर कार्य पर व्यय धन की लागत व विवरण आदि भी लिखा होता है। शहर विधायक ने महानगर क्षेत्र में नगर निगम प्रशासन द्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रदर्शित करने वाले इन शिलापटों पर आपत्ति जताई है। विधायक ने इस मामले में मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भी भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि शिलापट लगाए जाने के संबंध में शासन के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर लगे इन शिलापटों पर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व स्थानीय विधायक का नाम अंकित नहीं है जबकि शासन ने लिखित में यह आदेश जारी किए हैं कि इन सभी का नाम इन शिलापटों पर लिखा जाएगा। 25 फरवरी 2016 को उत्तर प्रदेश शासन के सचिव श्रीप्रकाश सिंह सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों तथा अन्य संबंधित को पत्र भेज चुके हैं।
सीएम का नाम छोटा, महापौर का बड़ा
विधायक के मुताबिक कुछ स्थानों पर लगे शिलापटों पर मुख्यमंत्री व नगर विकास मंत्री का नाम अंकित भी है तो वह छोटे अक्षरों में जबकि महापौर का नाम बड़े अक्षरों में अंकित है। विधायक ने इसे शासनादेश व जनता की भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। विधायक के इस आदेश पर शासन ने मंडलायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। इसकी जानकारी होते ही नगर आयुक्त संजय चौैहान ने निर्माण विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री मुरादाबाद आ रहे हैं।
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विधायक द्वारा शासन में शिकायत करने की जानकारी मिली है। इस संबंध में नगर निगम में विकास से संबंधित कार्य कराने वाले विभागों के विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी कर जांच आख्या व स्पष्टीकरण मांगा है।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
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नगर विकास के लिए पैसा शासन से आता है। शासनादेश में स्पष्ट तौर पर उससे कराए जाने वाले विकास कार्यों के शिलापटों पर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि के तौर पर मेरा व कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह का नाम होना चाहिए। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है। इससे जनता आहत है। कई नागरिकों ने मुझसे इसकी शिकायत की। जिसके बाद मैंने मुख्यमंत्री को लिखित तौैर पर शिकायत भेजी है। ऐसा किसके इशारे पर किया जा रहा है यह साफ होना चाहिए।
रितेश गुप्ता, शहर विधायक
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नगर निगम में कराए जाने वाले विकास कार्यों के शिलापट अन्य महानगरों में भी इसी तरह के लगे होते हैं जैसे यहां लगे हैं। मेरे संज्ञान में जो भी शिलापट लगे हैं वह सही लगे हैं। उन पर मुख्यमंत्री व नगर विकास मंत्री का नाम भी है। अगर कोई पार्षद अपने स्तर से बनवाकर शिलापट लगवा लिया हो तो उसकी मुझे जानकारी नहीं है।
विनोद अग्रवाल, महापौर, मुरादाबाद