मॉक ड्रिल में दिखा बचाव कार्य का अभ्यास
बुधवार सुबह शहर के विभिन्न स्कूलों, कार्यालयों और प्रमुख स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
तेज सायरन बजते ही स्कूलों में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इमारतों से घायल लोगों को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने संभाली कमान
मॉक ड्रिल के दौरान, डीएम, एसएसपी, एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन, नगर आयुक्त समेत तमाम आला अधिकारियों मौजूद रहे। सभी ने राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए ड्रिल को पूरी गंभीरता से अंजाम दिया गया।
रात 8 बजे पूरे शहर में ब्लैक आउट
प्रशासन की योजना के तहत रात ठीक 8 बजे मुरादाबाद शहर में ब्लैक आउट कराया गया। सभी कॉलोनियों, सरकारी भवनों, अपार्टमेंट्स, दुकानों और सड़कों की लाइटें बंद कर दी गईं। लोगों को पहले ही सूचित किया गया था कि वह तय समय पर बिजली बंद रखें और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों का पालन करें।
ब्लैक आउट का उद्देश्य यह था कि यदि किसी भी स्थिति में हवाई हमला या कोई अन्य बड़ा खतरा उत्पन्न हो, तो प्रशासन और आमजन किस प्रकार से मिलकर स्थिति को संभाल सकते हैं। इस दौरान पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें गश्त पर रहीं और सभी क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखी गई।
जागरूकता के लिए अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में घबराएं नहीं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखें, आवश्यक दवाएं व प्राथमिक चिकित्सा किट साथ रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।