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Moradabad: तीन हजार के लिए भाजपा पार्षद के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या, हाथ-पैर बांधकर दी यातनाएं

Tue, 22 Apr 2025 02:15 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

कुचावली गांव में तीन हजार रुपये के लेनदेन को लेकर भाजपा पार्षद के भतीजे की उसके दोस्त यश व परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक के साथ आए भाई को भी बंधक बनाया गया। पुलिस ने यश सहित 10 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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छजलैट में हत्या के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कुचावली गांव में सोमवार को भाजपा के नामित पार्षद कृपाल सिंह के भतीजे निखिल पाल उर्फ निक्की (19) की उसके दोस्त यश ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। यश ने तीन हजार रुपये वापस करने के बहाने निखिल को घर बुलाया था।

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वह फुफेरे भाई ज्ञानेंद्र के साथ गांव पहुंचा तो आरोपियों ने दोनों भाइयों को बंधक बना लिया। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सिविल लाइंस के काजीपुरा निवासी भाजपा पार्षद कृपाल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा निखिल 12वीं का छात्र था।

छजलैट के कुचावली गांव निवासी उसके दोस्त यश ने पांच हजार रुपये उधार लिए थे। यश ने दो हजार रुपये ऑनलाइन वापस कर दिए थे, लेकिन तीन हजार रुपये वापस करने के लिए निखिल को अपने घर बुलाया था।
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निखिल सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे ठाकुरद्वारा के फरीदनगर निवासी अपने फुफेरे भाई ज्ञानेंद्र के साथ रुपये लेने कुचावली पहुंच गया। आरोप है कि यश, उसके परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने दोनों को बंधक बना लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

निखिल को खेत की जोताई करने वाले यंत्र से बांध दिया, जबकि ज्ञानेंद्र को कमरे में बंद कर दिया। पिटाई से निखिल की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घबरा गए और घर से भाग गए।

लोगों की सूचना मिलने पर परिजन पहुंच गए और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह, सीओ अपेक्षा निम्बाड़िया फोरेंसिक टीम के साथ माैके पर पहुंचीं।

एसपी देहात ने बताया कि युवक के ताऊ कृपाल सिंह ने यश कुमार, उसके पिता अजीत सिंह, मां ऋतु, अमित, अनिल, हरज्ञान, प्रमोद, चंचल और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है।

तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। रुपयों के लेनदेन और चोरी की बात सामने आई है।

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पड़ोसी के घर चोरी में आया यश का नाम
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि कुचावली गांव में 19 अप्रैल को अनिल कुमार के घर से कुछ जेवर चोरी हो गए थे, जिसका आरोप यश पर आया था। बाद में एक अंगूठी और चेन भी बरामद हो गई थी। इस मामले में गांव में पंचायत हुई थी।

पंचायत में समझौता हो गया था। आरोपी यश ने खुद को बचाने के लिए कुछ युवकों के झूठे नाम बताए थे। इसके चलते ही यश द्वारा निखिल को योजनाबद्ध तरीके से घर बुलाया गया था। यहां उसके साथ मारपीट की गई, जिसमें जान चली गई।

छह घंटे तक बंधक बनाकर पीटा, मांगते रहे छह लाख रुपये
काजीपुरा निवासी 12वीं के छात्र निखिल पाल उर्फ निक्की और उसके फुफेरे भाई ज्ञानेंद्र को आरोपियों ने छह घंटे तक बंधक बनाकर पीटा। आरोपी उससे छह लाख रुपये मांगते रहे। निखिल की माैत की सूचना पर पहुंचे परिजनों को ज्ञानेंद्र ने यह जानकारी दी। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

भाजपा पार्षद कृपाल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर से निकला था। उसके साथ ज्ञानेंद्र भी था। दोनों जैसे ही कुचावली गांव पहुंचे तो निखिल और ज्ञानेंद्र को यश और उसके परिवार के लोगों ने घेर लिया। दोनों के हाथ-पैर बांध दिए। युवक को आंगन में ही ट्रैक्टर से खेत की जोताई करने वाले यंत्र से बांध दिया और ज्ञानेंद्र को कमरे में बंद कर दिया।

निखिल अपने तीन हजार रुपये लेने गया था, लेकिन उसे छोड़ने के लिए आरोपी छह लाख रुपये की मांग करने लगे। उस पर दबाव बनाया है कि वह अपने घर कॉल कर और रुपये मंगवाए। युवक ने विरोध किया तो उसकी पिटाई शुरू कर दी। करीब साढ़े तीन बजे युवक की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घबरा गए और मौके से भाग गए। इसी बीच गांव के युवकों ने निखिल के भाई को फोन किया। परिजन मौके पर पहुंचे तब निखिल का शव पड़ा था।

गम में बदलीं शादी की खुशियां
निखिल पाल की बुआ अंजली की सोमवार सुबह डोली उठी थी। इससे परिवार खुश था। परिवार में खुशी के बीच निखिल की माैत की खबर से मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि रविवार को निखिल की बुआ अंजली की शादी थी। निखिल बेहद खुश था। वह दोस्तों के साथ बरातियों की खातिरदारी कर रहा था।

सोमवार को अंजली की विदाई हो गई। विदाई के बाद वह ससुराल चली गई। इसके बाद निक्की फुफेरे भाई ज्ञानेंद्र के साथ यश के बुलाने पर कुचावली चला गया। शाम चार बजे उसकी मौत की सूचना मिली। इससे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। बेटे की माैत की खबर सुनकर मां बेसुध हो गईं। 
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डेढ़ साल पहले हुई थी पिता की मौत
करीब डेढ़ साल पहले अगवानपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर निखिल के पिता विजय पाल का शव मिला था। उनकी ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। अब बेटे निखिल की हत्या हो गई। बेटे की माैत से मां शशि का रो-रोकर बुरा हाल है।

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