महानगर की हवा सुधरने के बजाय और ज्यादा खतरनाक हो रही है। शहर की हवा मंगलवार को दूसरे स्थान पर रहने के बाद बुधवार को देश में सबसे अधिक जहरीली रही। यहां के वायु प्रदूषण ने दिल्ली और लखनऊ को भी पीछे छोड़ दिया।
वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को एक्यूआई 438 पर पहुंच गया, जबकि दिल्ली का 415 और लखनऊ का 401 एक्यूआई दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण बढ़ने का कारण विभागीय अधिकारियों को भी समझ में नहीं आ रहा है। इसके लिए उन्होंने जांच शुरू कर दी है।
पीतलनगरी के रूप में देश-दुनिया में मशहूर मुरादाबाद का नाम अब प्रदूषण के मामले में भी उछल रहा है। मंगलवार को शहर का वायु प्रदूषण 410 एक्यूआई था। अधिकारी धूप और बारिश में वायु प्रदूषण घटने की बात कहते हैं। बुधवार को सुबह से लेकर दोपहर तक बारिश भी हुई, लेकिन स्थिति इसके उलट रही। सुधरने के बजाय प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। वातावरण में पीएम 2.5 का स्तर औसत 438 दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम 213 और अधिकतम 500 रहा।
प्रदूषण का स्तर ज्यादातर समय मैरून रंग के निशान पर रही रहा। वहीं, पीएम 10 का स्तर 387 रहा। न्यूनतम 153 और अधिकतम 500 दर्ज किया गया। कुछ वक्त के लिए पीला, नारंगी और मैरून रहा। हालांकि शाम सात बजे के करीब कुछ गिरावट रही।
आंकड़ों के अनुसार एक्यूआई 435 रहा, जबकि दिल्ली का 420 हो गया था। वहीं, सात बजकर 45 मिनट पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 405 हो गया, जबकि दिल्ली का 362 दर्ज किया गया। उधर, रात नौ बजे एक बार एक्यूआई 418 तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार धूल, धुआं और जहरीली गैसों से विषाक्त हुई हवा सांस लेने लायक नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि बुधवार दिन में मशीन के आस-पास के क्षेत्र को दिखवाया था, लेकिन वहां पर मौसम साफ-सुथरा था। बारिश के समय प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ना समझ से परे है। पिछले दो-तीन दिन से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।
मशीन पर आउट सोर्सिंग पर काम होता है। कई बार टेप के फंसने के कारण भी इस तरह के आंकड़े आ जाते हैं। इसलिए मशीन की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
नोट- सभी आंकड़े वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के सुबह के समय के हैं।