उठा सवाल, तीन साल से कैसे चल रहा था धरना
पेपर मिल के गेट पर शुक्रवार को पुलिस ने धरना बंद करा दिया। पुलिस और मिल के अधिकारियों का तर्क था कि यह धरना अवैध तरीके से चल रहा था लेकिन धरना अवैध था तो साढ़े तीन साल तक कैसे चला। पुलिस को इस धरने की जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
पुलिस ने पेपर मिल के गेट के सामने की सभी दुकानों के शटर बंद करा दिए थे। पुलिस ने मौके पर किसी भी स्थानीय व्यक्ति को रुकने की अनुमति नहीं दी। कोई मकान की छत पर खड़ा दिखा तो उसको भी कार्रवाई का डर दिखाकर नीचे उतार दिया। इसके बाद ही पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों से खींचतान की।
मिल के गेट पर अवैध धरना प्रदर्शन चल रहा था। कोर्ट से भी मिल प्रशासन केस जीत चुका है। इसके बाद भी अवैध मांगों को लेकर यह लोग बैठे थे। मिल प्रबंधन से रंगदारी वसूलना चाहते थे। उन्होंने जबरन मिल का गेट बंद किया। इससे उत्पादन के कार्य में बाधा आई। पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। इस पर 28 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। - जय कुमार, कारखाना, प्रबंधक