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मुरादाबाद: नाबालिग छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले दोषी को 20 साल की कैद, 45 हजार का जुर्माना लगाया

Wed, 23 Aug 2023 12:08 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो शैजेंद्र वर्मा की अदालत में हुई। कोर्ट से विष्णु को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया है।
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अदालत का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र से नौवीं की छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले विष्णु शर्मा को अदालत ने दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संभल जनपद के धनारी थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान की 14 वर्षीय बेटी मझोला क्षेत्र में नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी।

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संभल के धनारी पट्टी लाल सिंह निवासी विष्णु शर्मा का पीड़िता के घर आना जाना था। विष्णु पूजा-पाठ के अलावा बाइक मरम्मत का काम भी करता था। 10 जनवरी 2021 की शाम चार बजे छात्रा ट्यूशन गई थी लेकिन लौटी नहीं। इसके बाद छात्रा के मामा ने मझोला थाने में विष्णु के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

पुलिस ने 31 अगस्त 2021 को पीड़िता को बरामद कर और उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर केस में पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं थी।
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आरोपी विष्णु को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या दो शैजेंद्र वर्मा की अदालत में की गई। अदालत ने विष्णु को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

12 गवाहों ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान

विशेष लोक अभियोजक अकरम खान और एमपी सिंह ने बताया कि इस मुकदमे में 12 गवाहों ने अदालत में पेश होकर बयान दर्ज कराए थे। पीड़िता ने अदालत को बताया कि दोषी ने उसे बंदी बनाते हुए उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

49 दिन तक एसएसपी कार्यालय के सामने परिवार ने दिया था धरना

मझोला थाने की पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर पाई तो परिवार एसएसपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया था। 49 दिन तक मां-बाप और अन्य परिजन दिन रात धरने में बैठे रहे थे। इसके बाद एसएसपी ने पीड़िता की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया था। तब जाकर पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई थी।

15 दिन में लोकेशन बदल रहा था विष्णु

आरोपी विष्णु शर्मा ने ट्यूशन जा रही छात्रा को ये कहकर कार में बैठा लिया था कि उसके पिता ने जहर खा लिया है। कार में बैठने के बाद पीड़िता को बिस्कुट खिला दिया था। इससे किशोरी बेहोश हो गई थी। इसके बाद आरोपी किशोरी को हिमाचल ले गया था। यहां आरोपी ने उसे पत्नी बताकर किराये पर कमरा ले लिया था। कुछ दिन रुकने के बाद आरोपी उसे लेकर दिल्ली आ गया था। यहां आरोपी ने फास्ट फूड का ठेला लगा लिया था। वह हर 15 दिन में अपनी लोकेशन बदल रहा था।
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पिता ने भाजपा से दे दिया था त्यागपत्र

पीड़िता के पिता ने बताया कि वह भाजपा में पदाधिकारी थे। भाजपा के कार्यक्रमों में भाग भी लेते थे। उनकी बेटी को अगवा किया गया तो किसी ने उसका साथ नहीं दिया था। पुलिस भी सुनवाई नहीं कर रही थी। इससे तंग आकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।

धमकियों से नहीं डरा परिवार, दोषी को दिलाई सजा

पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि आरोपी के जेल जाने के बाद उसके परिवार ने कई बार समझौते के लिए दबाव बनाया। पत्नी और बेटी को भी धमकाया गया लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि दोषी को सजा दिलाई जाएगी। पिता ने कहा कि दोषी को सजा होने से उनका न्याय में विश्वास बढ़ा है।
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