घटिया किस्म के तेल से बनी पकाैड़ी खाने से बिगड़ी हालत
शेखपुर खास के फूलडोल मेले में आमतौर से 80 से लेकर 100 रुपये किलो तक पकौड़ी बिक रही थी। एक दुकानदार ऐसा भी था जिसने मात्र 60 रुपसे किलो पकौड़ी का एलान कर दिया जिसके बाद ग्रामीणों ने उससे पकौड़ी खरीद कर खाई थीं। यह पकौड़ी खाने से ग्रामीणों की तबीयत खराब हुई।
माना जा रहा है कि 60 रुपये किलो वाली पकौड़ी में घटिया किस्म का तेल था जिसकी वजह से फूड प्वॉइजनिंग हुई है, साथ ही चटनी में भी अरारोट मिला हुआ था। उसकी वजह से ज्यादा लोग बीमार होना बताए जा रहे हैं।
शेखपुर खास में आयोजित फूलडोल मेले में चाट पकाैड़ी खाने से बीमार हुए लोगों ने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया। राहत न मिलने से वह रात भर परेशान रहे है। कुछ लोगों को उल्टी-दस्त हुए जबकि फूड प्वाॅइजिंग के शिकार बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। स्वास्थ्य विभाग इस मामले से बेखबर रहा।
निजी डाॅक्टर के यहां इनका चल रहा इलाज
शेखूपुर खास निवासी रमेश कुमार और उनके बेटा अभिषेक को कुंदरकी के निजी अस्पताल इलाज चल रहा है जबकि सरायू पंजू में रिया, उजाला, डोली, सुधा, अश्विन, अभि, रिया, सुरेंद्र सिंह, आर्यन, नीतू, सलोनी, अंगूरी आदि इलाज चल रहा है। वहीं शेखूपुर खास निवासी ओमकार सिंह, नबी हसन समेत काफी लोग इलाज करा रहे हैं। माना जा रहा कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब होने के चलते शेखूपुर खास और सराय पंजू के सौ से अधिक ग्रामीण फूड प्वाॅइजनिंग का शिकार हुए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर नजर आया।
खाद्य सामग्री चेक करने वाला कोई नहीं
मेलों में बिकने वाली खाद्य सामग्री के मानक को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है जिसकी वजह से फूड प्वाॅइजनिंग के मामले भी सामने आ रहे हैं। शेखूपुर खास के फूलडोल मेले में घटिया किस्म की पकौड़ी, समोसे, चाऊमीन, जलेबी आदि धड़ल्ले से बेची गई। वहीं मेलों पर भी खुलेआम घटिया किस्म की खाद्य सामग्री बेची जाती है जिनका कोई मानक भी नहीं होता है। खाद्य सुरक्षा विभाग भी संज्ञान नहीं लेता है।