मुरादाबाद। संभल रोड औद्योगिक क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर फैक्ट्रियों में घुसकर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। कई फैक्ट्रियों में बंदरों के घुसने से श्रमिकों में दहशत का माहौल है। बंदर तैयार और कच्चे माल को नुकसान पहुंचाने के साथ उत्पादन कार्य में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
निर्यातकों का कहना है कि बंदर अचानक फैक्ट्रियों में घुस आते हैं और श्रमिकों पर झपटने लगते हैं। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल है। कई बार बंदरों के कारण काम रोकना पड़ता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। निर्यातक बताते हैं कि बंदर मशीनों के आसपास भी पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। तैयार माल, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान को नुकसान होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
एमएचईए (मुरादाबाद हैंडीक्रॉफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने बताया कि संभल रोड औद्योगिक क्षेत्र में बंदरों की समस्या अब गंभीर हो चुकी है। श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंदरों का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस मामले को उद्योग बंधु की बैठक में उठाया जाएगा। एमएचईए के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि यदि समय रहते बंदरों के आतंक का समाधान नहीं किया गया तो फैक्टरियों को नुकसान होता रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग बंदरों को पकड़े और उन्हें आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोड़े।