मुरादाबाद। मोरा की मिलक में 20 दिन से हिंसक बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहाल हैं। बंदरों के हमलों में अब तक 16 लोग घायल हो चुके हैं। मंगलवार को एडीएम सिटी अंकुर श्रीवास्तव और नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली।
आंबेडकर पार्क में बड़ी संख्या में ग्रामीण अधिकारियों के सामने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बंदरों के लगातार हमलों से गांव में दहशत का माहौल है। कई घायल मजदूरी करने की स्थिति में नहीं हैं। कुछ लोगों की उंगलियों में चोट आने से कामकाज प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से बंदरों को पकड़ने के साथ ही प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। एडीएम सिटी ने घायलों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि हिंसक बंदरों को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की विशेष टीम दो दिन में मोरा की मिलक पहुंचेगी। अभियान में वन विभाग की मदद भी ली जाएगी। क्षेत्र में बंदरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लेखपाल की ड्यूटी लगा दी गई है। लेखपाल लगातार निगरानी कर प्रशासन को रिपोर्ट देंगे।
ज्ञात हो कि बंदरों को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाया था। सभी ने मिलकर 1430 रुपये एकत्र किए थे। ग्रामीण यह रकम एडीएम सिटी को सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्होंने पैसे लेने से साफ इनकार कर दिया। एडीएम सिटी ने कहा कि बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई प्रशासन अपने स्तर से विशेषज्ञ टीम की मदद से कराएगा।
लाठी लेकर निकल रहे ग्रामीण, बच्चों पर भी पहरा
बंदरों के खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण खेत और छत पर जाने से पहले लाठी साथ ले जा रहे हैं। बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में भी लोग डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द अभियान चलाकर हिंसक बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।