ठाकुरद्वारा। क्षेत्र के गांव मीरपुर मोहन चक में अब पट्टेदार अशोक वाल्मीकि की भूमि पर मोहर्रम का मेला नहीं लगेगा। बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने स्थान का स्थलीय निरीक्षण कर इस संबंध में अपना निर्णय सुनाया। गांव में मोहर्रम का मेला लगता था।
गांव के अशोक कुमार वाल्मीकि की पट्टे की भूमि को प्रशासन हर बार खाली करवा कर उसे मोहर्रम के मेले के लिए दे देता था। लेकिन अब अशोक वाल्मीकि ने अपनी भूमि पर मेल लगवाने से मना कर दिया है।
इस संबंध में उसने 14 जून को थाना समाधान दिवस में पहुंचकर एसडीएम और सीओ को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उसने कहा कि उसकी भूमि पर मोहर्रम का मेला ना लगाया जाए। अधिकारियों ने इस दौरान मेला कमेटी के लोगों को भी बुलाया था। लेकिन विवाद का कोई हल नहीं निकला था।
इस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम प्रीति सिंह, सीओ रूद्र कुमार सिंह, कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जसपाल सिंह ग्वाल गांव में पहुंचे। उन्होंने मेला स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि मोहर्रम के मेले के लिए पहले से ही कर्बला के नाम से भूमि आरक्षित है। इसलिए कमेटी को अपनी भूमि पर ही मेला लगाना चाहिए। एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में निर्णय लिया गया है और मेला कमेटी निर्धारित कर्बला के स्थान पर ही लगाएगी। इस समय कर्बला के स्थान पर कोई पानी भी नहीं है।