क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मां अंजुम आरा इन दिनों बेटे की कामयाबी को लेकर बेहद खुश हैं। एक ओर शमी वर्ल्ड कप में विकेटों की झड़ी लगा रहे हैं तो दूसरी ओर छोटे बेटे मोहम्मद कैफ का बंगाल की रणजी ट्रॉफी के लिए टीम में चयन हो गया है। हालांकि अंजुम आरा गांव के हर उस लड़के को अपना बेटा मानती हैं जो क्रिकेट की पिच पर कमाल दिखाना चाहता है।
उनका कहना है कि गांव का हर बच्चा मेरे लिए मेरे सिम्मी (शमी) जैसा है। सब क्रिकेटर तो नहीं हो सकते, लेकिन मैं चाहती हूं कि ये सभी किसी न किसी क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करें। जिस गांव का उन्होंने जिक्र किया है, उसका नाम है सहसपुर अलीनगर। अमरोहा से मुरादाबाद आते समय थाना डिडौली की जिवाई चौकी के पास फ्लाईओवर के बाईं ओर अंदर की तरफ दो किलोमीटर चलने पर गांव सहसपुर अलीनगर पड़ता है। वहीं गांव जहां की मिट्टी ने भारतीय क्रिकेट टीम को मोहम्मद शमी जैसा सितारा दिया है।
सहसपुर अलीनगर निवासी मोहम्मद जैद बताते हैं मैं उस समय छह-सात वर्ष का था। गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा था। सिम्मी भाई की गेंद में इतनी रफ्तार और उछाल थी कि कीपर को विकेट से बहुत दूर खड़े होना पड़ता था। उस टूर्नामेंट में हर गेंदबाज को लंबे लंबे छक्के खाने पड़े थे, लेकिन सिम्मी भाई की वजह से हमारे गांव की टीम मैच जीत गई थी। उन्होंने तीन विकेट लिए थे। तब से उनका नाम आसपास के गांवों में हो गया। खिलाड़ी चर्चा करते थे कि इसके ओवर में आराम से खेलना है, बाकी गेंदबाजों को देखेंगे।