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यूपी: इन पांच सीटों पर तुरुप का इक्का हैं तुर्क, इनके बाद नहीं कोई बड़ा चेहरा; सियासी पिच पर उतरेंगे शमी?

Wed, 23 Sep 2026 03:33 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

यूपी की अमरोहा, कुंदरकी, रामपुर, मुरादाबाद देहात और संभल सीट पर तुर्क बिरादरी का खासा प्रभाव है। यहां तुर्क बिरादरी तुरुप का इक्का साबित होते हैं। क्रिकेटर मोहम्मद शमी के सियासत में उतरने के कयास से सियासी चर्चा तेज हो गई हैं।
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Mohammad Shami - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टीम इंडिया के तेज गेंदबाज रहे मोहम्मद शमी के सियासत में उतरने की कयासबाजी के बीच तुर्क बिरादरी चर्चाओं में है। मंडल की पांच विधानसभा सीटों पर तुर्क का सिक्का चलता है। इन सीटों पर लंबे समय से सपा का कब्जा है। 

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किसी भी पार्टी के लिए तुर्क किसी तुरुप के इक्के से कम नहीं हैं। माना जाता है कि जिस भी पार्टी या प्रत्याशी को इनका समर्थन मिला उसकी जीत तय है। यही कारण है कि इन सीटों पर बढ़त बनाने के लिए भाजपा अब सपा की काट ढूंढने में लगी है।

मंडल में विधानसभा की सात सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा को लंबे समय से हार का सामना करना पड़ रहा है। इनमें अमरोहा, संभल, कुंदरकी, मुरादाबाद देहात, रामपुर, नगीना और नजीबाबाद सीट शामिल हैं। 

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मुस्लिम बहुल मानी जाने वाली इन सीटों पर सपा का दबदबा है। इन सीटों पर सपा का तिलिस्म तोड़ने के लिए भाजपा के भीतर मंथन चल रहा है। इसकी काट तलाशी जा रही है। इसमें से पांच सीटों का चुनाव परिणाम तुर्क वोटर प्रभावित करते हैं। 

 

इनमें संभल, मुरादाबाद देहात और कुंदरकी सीट पर इस बिरादरी ने लंबे समय तक नुमाइंदगी भी की है। मंडल की सियासत में डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क की पहचान तुर्क नेता के रूप में रही है। वह संभल और मुरादाबाद से सांसद रहे। 

 

उनके निधन के बाद बिरादरी के पास कोई बड़ा तुर्क नेता नहीं है। ऐसे में इस बिरादरी से आने वाले क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने रविवार को रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात करके मंडल में सियासी हलचल बढ़ा दी है। मंडल के तुर्कों के बीच उनके सियासी रण में उतरने की चर्चाएं भी तेज हो गईं हैं।

किस विधानसभा क्षेत्र में कितने तुर्क मतदाता
विधानसभा क्षेत्र तुर्क वोटरों की संख्या
संभल 1.15-1.20 लाख कुंदरकी 60-65 हजार
अमरोहा 40-45 हजार
रामपुर 30-35 हजार
मुरादाबाद देहात 18-23 हजार

ये बने तुर्क बिरादरी से विधायक
मुरादाबाद देहात सीट : यहां से रिजवानुल हक तीन बार विधायक चुने गए। उनके भाई शमीमुल हक दो बार विधायक बने जबकि रिजवानुल हक के बेटे उस्मान एक बार विधायक चुने गए।

कुंदरकी सीट : यहां से हाजी अकबर पांच बार विधायक बने। हाजी रिजवान भी तीन बार विधायक चुने गए। वहीं जियाउर्रहमान बर्क एक बार विधायक बने।

संभल सीट : यहां से डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क करीब चार बार विधायक चुने गए।

असमोली-चमरौआ विधानसभा क्षेत्र में भी तुर्क
संभल की असमोली और रामपुर की चमरौआ विधानसभा क्षेत्र में तुर्क वोटरों की संख्या ठीक-ठाक है। इन दोनों सीटों पर ये बिरादरी जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

भाजपा सहयोगी दलों का ले सकती है सहारा
मुरादाबाद मंडल की तुर्क प्रभावित सीटों पर भाजपा अपने सहयोगी दलों का सहारा ले सकती है। लगातार हार रही सीटों को सहयोगी दलों के सिंबल पर पार्टी प्रत्याशी उतार सकती है। इसमें मुस्लिम चेहरे भी हो सकते हैं। क्रिकेटर मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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विधानसभा क्षेत्र तुर्क मतदाताओं की संख्या
संभल 1.15 - 1.20 लाख
कुंदरकी 60 - 65 हजार
अमरोहा 40 - 45 हजार
रामपुर 30 - 35 हजार
मुरादाबाद देहात 18 - 23 हजार
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