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एमएलए-आईपीएस प्रकरण: विवादों में उलझी इल्मा अफरोज के लिए सोशल मीडिया पर उठी आवाज, हिमाचल छोड़ पहुंची यूपी

Thu, 14 Nov 2024 02:06 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

IPS Ilma Afroz and Himachal MLA case: हिमाचल में तैनात आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज का मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) से विभिन्न मुद्दों पर टकराव हो गया। इसके बाद वह लंबी छुट्टी लेकर अपने घर  लौट आई हैं। मुरादाबाद के लोगों ने सोशल मीडिया पर इल्मा के समर्थन में अभियान शुरू कर दिया।
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एसपी इल्मा अफरोज का स्वागत करते लोग (FILE) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कुंदरकी जैसे छोटे से कस्बे से निकलकर आईपीएस बनने वाली इल्मा अफरोज हिमाचल प्रदेश में अपनी तैनाती के दाैरान सियासी विवाद में उलझ गईं। वहां के मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) से कई मुद्दों पर टकराव के बाद लंबी छुट्टी लेकर वह कुंदरकी आ गईं। इस प्रकरण में इल्मा अफरोज को इन्साफ दिलाने के लिए मुरादाबाद के लोगों ने सोशल मीडिया पर आवाज उठानी शुरू कर दी है।

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कुुंदरकी के मोहल्ला नुरूल्ला मेन बाजार की रहने वाली इल्मा अफरोज 2017 बैच की आईपीएस हैं। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीवेंस से स्नातक करने के बाद इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। आईपीएस बनने के बाद वह रातोंरात सुर्खियों में आई थीं। ट्रेनिंग के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश का कैडर मिला।

एक बार फिर इल्मा अफरोज सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण सियासी है। इस साल जनवरी के आखिर में उन्हें बद्दी जिले का एसपी बनाया गया। जहां कई मुद्दों वह सीपीएस से भिड़ गईं। जो बाद में सार्वजनिक भी हो गया। यह विवाद हिमाचल प्रदेश की विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक पर छा गया।
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सीपीएस ने इल्मा के विरुद्ध विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। उनके कार्यक्रमों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया था। इस बीच सीपीएस के परिवार के ट्रिपरों व जेसीबी का चालान करने के बाद विवाद बढ़ता ही गया। इसके बाद वह 15 दिन की छुट्टी पर चली गईं। सूत्रों के मुताबिक इल्मा अफरोज ने रातोंरात अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया। वहां से अपने मेडल और किताबें ले आईं।

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दो दिवसीय सम्मेलन की तैयारी में जुटी थीं

एसपी इल्मा अफरोज सात व आठ नवंबर को शिमला सचिवालय में होने वाले दो दिवसीय सम्मेलन की तैयारियों में जुटी थीं। वह इसी सिलसिले में शिमला गई थीं। जहां नेताओं व पुलिस के आलाधिकारियों से मुलाकात की। यहां से लाैटने के बाद आवास खाली कर वह बद्दी से चली गईं।

विदेश में नाैकरी का ऑफर ठुकराया फिर यूपीएससी की तैयारी की

इल्मा अफरोज को न्यूयॉर्क में स्थित फाइनेंसियल एस्टेट कंपनी में नौकरी का बेहतरीन ऑफर मिला था, लेकिन इल्मा का मानना था कि उनकी शिक्षा पर उनकी मां और देश का पहला हक है। इसलिए उन्होंने वापस आकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। 2017 में 217वीं रैंक हासिल कर आईपीएस अफसर बन गईं।

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बचपन में ही सिर से उठ गया था पिता का साया

इल्मा कुंदरकी क्षेत्र की पहली ऐसी बेटी है जो आईपीएस अफसर बनीं। बचपन में ही इल्मा के सिर से पिता काजी अफरोज का साया उठ गया। उनके दादा काजी हबीब अहमद कुंदरकी नगर पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। परिवार में मां सुहैल परवीन और छोटा भाई काजी अराफात के सहयोग से पढ़ाई के लिए वह विदेश गई थीं।

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