मिलावटी दूध की बिक्री करने वाले दूधिये पर कानून का सोंटा चल गया है। एडीएम सिटी की कोर्ट ने दूधिये पर तीन लाख का जुर्माना किया है। जुर्माने की रकम पंद्रह दिन के भीतर जमा करनी होगी। प्रयोगशाला से जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि दूध में फैट का प्रतिशत निर्धारित मानक से चौदह प्रतिशत तक कम है।
मैनाठेर के गांव बघा निवासी मुनाजिर महानगर में दूध की सप्लाई करता है। 17 मई 2013 को वह दूध लेकर शहर में आ रहा था। हनुमान मूर्ति के पास फूड इंस्पेक्टरों की टीम ने दूध का सैंपल भरा था। उस वक्त उसके पास कुल 60 लीटर दूध था। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। 6 जून 2013 को प्रयोगशाला से जो रिपोर्ट आई उसमें बताया गया कि दूध में फैट का प्रतिशत निर्धारित मानक से कम है।
10 दिसंबर को एडीएम सिटी कोर्ट में वाद दायर कराया गया। बुधवार को एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव ने इस मामले में सुनवाई करते हुए दूधिये मुनाजिर पर तीन लाख का जुर्माना किया है। जुर्माने की रकम पंद्रह दिन के भीतर जमा करनी होगी। जुर्माना अदा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।