मुरादाबाद के ट्रांसपोर्टर के 20 दिन से लापता बेटे का शव पुलिस ने बुधवार को तालाब से बरामद किया है। युवक की बिजलीघर में हत्या की गई थी। उसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए तालाब में फेंका गया था। परिवार की ओर से जिन दो लोगों पर शक जताया गया था, उन्हीं की निशानदेही पर शव बरामद किया गया है।
पुलिस ने बिजलीघर के एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसमें दम घुटने और सिर पर वार करने से मौत की पुष्टि हुई है।
एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि मझोला थानाक्षेत्र के लाकड़ी फाजलपुर निवासी महेंद्र सिंह ट्रांसपोर्टर हैं। उनका 22 वर्षीय बेटा मगन भी पिता और बड़े भाई नीरज कुमार के साथ ट्रांसपोर्ट का काम देखता था। 11 फरवरी की शाम करीब पांच बजे से मगन लापता था। परिवार के मुताबिक मगन अपने दोस्त मोहित और उसके मौसेरे भाई लाखन लाल से मिलने की बात कहकर घर से निकला था।
पुलिस ने इस मामले में पहले गुमशुदगी दर्ज की थी। इसके बाद गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम कर दिया गया था। परिवार वालों ने मोहित और लाखन पर बेटे के अपहरण और अनहोनी की आशंका जताई थी।
कई बार की पूछताछ के बाद मोहित पंवार निवासी केजीके कॉलेज के पास रामतलैया थाना मझोला ने पुलिस को बताया कि मगन ने दो साल पहले लाइन पार निवासी प्रेमशंकर से दो लाख 80 हजार रुपये मोहित को दिलाए थे। जिसमें तय हुआ था कि मोहित पांच साल तक हर माह 10,800 रुपये देगा।
मूलरूप से अलीगढ़ गांधी पार्क थानाक्षेत्र के धनीपुर निवासी मोहित यहां लाकड़ी फाजलपुर में निर्यात फर्म में ठेकेदारी करता है, जबकि इसका मौसेरा भाई लाखन लाल निवासी सुल्तानपुर फलैदा थाना पाकबड़ा दिल्ली रोड स्थित बिजली घर में एसएसओ के पद तैनात है। एसपी सिटी ने बताया कि मोहित ने पैसा देना बंद कर दिया था।
जिसके बाद प्रेमशंकर ने मगन पर पैसा वापस करने को दबाव बनाया था। जब मगन पर दबाव बढ़ा तो वह 10 फरवरी को मोहित के घर गया था। उस वक्त मोहित घर में मौजूद नहीं था। घर में मोहित की मां, पत्नी व भाई मौजूद थे। बताया गया कि इसी दौरान काफी गाली गलौच हुई थी।