उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा नगर के कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाला छात्र पिछले एक साल से लापता था। चार दिन पूर्व उसे प्रवासी मजदूर के रूप में रामूवाला गनेश स्थित शेल्टर होम में लाया गया था, लेकिन छात्र वहां से राशन की किट छोड़कर गायब हो गया।
उसके परिजनों ने रविवार को कोतवाली पहुंचकर उसका पता लगाने की मांग की। थाना डिलारी के गांव अलियाबाद निवासी मनोज कुमार के भाई विकास ने रविवार को कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि उनका छोटा भाई मनोज कुमार ठाकुरद्वारा नगर के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने के लिए आया था।
लेकिन एक साल से वह घर नहीं लौटा है। गांव के लेखपाल ने उन्हें सूचना दी कि मनोज कुमार लखनऊ से प्रवासी मजदूर के रूप में गांव रामूवाला गनेश स्थित शेल्टर होम में आया था, लेकिन वह राशन की किट को शेल्टर होम में ही छोड़कर चला गया है।
इसकी सूचना मिलते ही परिजन शेल्टर होम पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उसने अपना अस्थायी पता गांव राजूपुर कला का भी लिखाया है और कहा है कि वह अपनी चचेरी बहन के यहां जा रहा है। छात्र के भाई का कहना है कि उन्होंने गांव राजूपुर कला पहुंचकर अपने भाई का पता लगाने की कोशिश की तो उसकी कोई जानकारी नहीं मिली।
पुलिस से मामले की जांच कराकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कोतवाली प्रभारी ने मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।