कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार गंगा दशहरा पर्व पर रामगंगा के घाट सूने रह सकते हैं। सरकार के नए आदेश के मुताबिक आठ जून से धार्मिक गतिविधियां शुरू होंगी, तब तक यथावत स्थिति बनी रहेगी।
इस कारण घाट पर होने वाले अनुष्ठानों का आयोजन भी नहीं हो सकेगा। गंगा दशहरा पर रामगंगा में डुबकी लगाने के अलावा बच्चों के मुंडन संस्कार कराए जाते हैं।
कटघर और लालबाग में रामगंगा के तट पर मेले जैसा माहौल बना रहता है। यहां पर आसपास के जनपदों से भी लोग नौनिहालों का मुंडन कराने के लिए आते हैं।
ठेलों पर पूजन सामग्री, प्रसाद आदि की कुछ दुकानें भी लगती हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से चहल-पहल नहीं दिखाई देगी। वहीं, गंगा दशहरा पर्व पर स्नान के साथ दान-पुण्य की भी परंपरा है।
हिंदू धर्म की मान्यता है कि इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। माना जाता है कि मां गंगा की आराधना करने से व्यक्ति पाप मुक्त हो जाता है। पंडित केदारनाथ मिश्रा का कहना है कि गंगा दशहरा के दिन सत्तू, मटका और हाथ का पंखा दान करना चाहिए।