मुरादाबाद। उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में तैनात टिकट परीक्षक (टीटीई) दुर्गविजय यादव की सतर्कता और संवेदनशीलता से एक लापता बालक को उसके परिवार से मिलाया जा सका। यह मामला (12038) दिल्ली-कोटद्वार एक्सप्रेस का है। हापुड़ के टीटीई दुर्गविजय यादव ट्रेन में टिकटों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर करीब 13 वर्षीय एक बालक पर पड़ी, जो अकेला यात्रा कर रहा था।
बालक की स्थिति देखकर टीटीई को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने उससे पूछताछ की। बातचीत में पता चला कि वह संभल का रहने वाला है और प्रयागराज के एक गुरुकुल में पढ़ता है। छुट्टियों में बच्चा अपने घर आया था और परिजन अब उसे वापस गुरुकुल भेजने की तैयारी में थे लेकिन वह जाना नहीं चाहता। इसलिए माता-पिता को बिना बताए घर से निकल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्गविजय यादव ने बिना देर किए रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन को बुलाया गया। हापुड़ स्टेशन पर बच्चे को चाइल्डलाइन को सौंपा गया। साथ ही उससे फोन नंबर लेकर उसके माता-पिता को सूचना दी गई। माता पिता के आने के बाद बच्चे को उन्हें सौंप दिया गया। रेल प्रशासन ने सराहनीय कार्य के लिए टीटीई की प्रशंसा की है। सीनियर डीसीएम महेश यादव का कहना है कि इससे दूसरे कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिलती है।