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ट्रिपल राइडिंग में गई नाबालिग छात्र की जान

Thu, 05 Jul 2018 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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ट्रिपल राइडिंग में नाबालिग छात्र की जान चली गई। जबकि उसके दो दोस्त जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हादसे के समय तीनों दोस्त एक बाइक पर सवार होकर रिश्तेदारी में जा रहे थे। भोजपुर थानाक्षेत्र में इनकी बाइक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। जिसमें तीनों दोस्त घायल हो गए थे।

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नागफनी थानाक्षेत्र के बंगला गांव तारों वाली गली में विशाल का परिवार रहता है। विशाल जेल में बंद है। सोमवार को विशाल का बेटा प्रिंस (15) अपने दोस्त छोटू और अभिषेक को साथ लेकर अपनी रिश्तेदारी देवापुर जा रहा था। दोनों दोस्त एक बाइक पर सवार थे। सिरसवां दोराहे के पास इनकी बाइक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी।

जिसमें तीनों दोस्त घायल हो गए थे। लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस ने घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया था। जहां सूचना मिलने पर तीनों के परिजन पहुंच गए। प्रिंस की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। मंगलवार देर रात कांठ रोड स्थित अस्पताल में प्रिंस की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव घर ले गए। प्रिंस की मौत से उसकी मां रानी और भाई यश का रो-रोकर बुरा हाल है।

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पिता के इंतजार में घंटों रखा रहा बेटे का शव, नहीं मिली पैरोल

बेटे के अंतिम संस्कार में पिता शामिल हो जाए। इसके लिए परिजनों ने काफी दौड़ भाग की। लेकिन प्रिंस के पिता विशाल को पैरोल नहीं मिल पाई। पिता के इंतजार में घंटों बेटे का शव घर में रखा रहा। पैरोल न मिलने पर बेटे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। रानी ने बताया कि उसके पति को बलात्कार के मामले में दस साल की सजा सुनाई गई है। वह 13 माह से जिला जेल में बंद हैं। बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरेाल की मांग की गई थी। लेकिन पैरोल नहीं मिल पाई। बुधवार शाम प्रिंस के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

विशाल के जेल जाने के बाद उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। रानी के ऊपर ही बेटे प्रिंस और यश की जिम्मेदारी है। सोमवार को प्रिंस हादसे का शिकार हो गया। सोमवार से प्रिंस के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो गए। जिसमें प्रिंस के रिश्तेदार और परिजनों ने चंदा कर उसका इलाज कराया। लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई।

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