बेटे के अंतिम संस्कार में पिता शामिल हो जाए। इसके लिए परिजनों ने काफी दौड़ भाग की। लेकिन प्रिंस के पिता विशाल को पैरोल नहीं मिल पाई। पिता के इंतजार में घंटों बेटे का शव घर में रखा रहा। पैरोल न मिलने पर बेटे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। रानी ने बताया कि उसके पति को बलात्कार के मामले में दस साल की सजा सुनाई गई है। वह 13 माह से जिला जेल में बंद हैं। बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरेाल की मांग की गई थी। लेकिन पैरोल नहीं मिल पाई। बुधवार शाम प्रिंस के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
विशाल के जेल जाने के बाद उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। रानी के ऊपर ही बेटे प्रिंस और यश की जिम्मेदारी है। सोमवार को प्रिंस हादसे का शिकार हो गया। सोमवार से प्रिंस के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो गए। जिसमें प्रिंस के रिश्तेदार और परिजनों ने चंदा कर उसका इलाज कराया। लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई।