कांठ बवाल प्रकरण में सभी पक्षों की बहस के बाद शुक्रवार को फैसला आना था, जज के अवकाश पर जाने के कारण फैसला नहीं आ सका। कोर्ट ने आदेश के लिए चार जनवरी की तारीख निर्धारित की है।
कांठ थानाक्षेत्र के गांव अकबरपुर चैदरी के मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सात साल पहले विवाद हुआ था। इसमें भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं के ऊपर आरोप लगा था कि उन्होंने जनता को उकसा कर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया है। विवाद में तत्कालीन डीएम समेत कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। आरोप है कि रेलवे विभाग का भी काफी नुकसान हुआ था। इस मामले में थाना पुलिस ने सैकड़ों आरोपी बनाए थे। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में चल रही है। इसमें विगत 22 दिसंबर को दोनो पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह व नगर विधायक रितेश गुप्ता अदालत में हाजिर हुए, लेकिन न्यायाधीश अवकाश पर होने के कारण फैसला नहीं सुनाया जा सका। कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए चार जनवरी की तारीख निर्धारित की है।