चंदौसी क्षेत्र के एक गांव से ग्रामीण की नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले
जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक अभियुक्त को न्यायालय ने
दोषी करार देते हुए अदालत ने उसे सात साल कैद की सजा सुनाई है। मेडिकल
रिपोर्ट में नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
आरोपी को सजा सुनाते
हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया है। संयुक्त
निदेशक अभियोजन रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के
गांव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में 17 अक्तूबर 2014 को गांव के ही
रविंद्र कुमार के खिलाफ नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले जाने का मुकदमा दर्ज
कराया था।
काफी ढूंढने के बाद जब ग्रामीण की बेटी को पुलिस ने बरामद किया
तो उसने अपने साथ रेप होने की बात कही। पुलिस ने इस मामले में नाबालिग का
मेडिकल कराया था जिसमें रेप की पुष्टि के बाद पुलिस ने रविंद्र के खिलाफ
कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई एडीजे आठ अनीता राज
की अदालत में हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त रविंद्र को दोषी करार
दिया और उसे सात साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।