मुरादाबाद। अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) मुरादाबाद से मिडिल ईस्ट देशों के लिए होने वाला निर्यात पिछले पांच महीने से ठप पड़ा है। इसका सीधा असर निर्यातकों की लागत, समय पर माल की आपूर्ति और नए निर्यात ऑर्डरों पर पड़ रहा है। आईसीडी अधिकारियों के अनुसार फिलहाल डिपो से केवल अमेरिका समेत अन्य देशों के लिए ही कंटेनरों को भेजा जा रहा है।
निर्यातकों का कहना है कि मिडिल ईस्ट प्रमुख बाजारों में शामिल है। शिपिंग लाइन बंद होने के कारण कुछ कारोबारी वैकल्पिक शिपिंग सेवाओं के माध्यम से सीमित मात्रा में हस्तशिल्प उत्पाद भेज रहे हैं। इससे परिवहन लागत बढ़ गई है और उत्पाद की डिलीवरी में भी देरी हो रही है। इसका सीधा असर नए ऑर्डरों पर भी पड़ने लगा है। एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के महासचिव विशाल अग्रवाल ने बताया कि आईसीडी से सीधी शिपिंग सेवा बंद होने से स्थानीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी छोटे और मध्यम निर्यातकों को हो रही है, क्योंकि उनका माल रुका हुआ है।
00आईसीडी से हर माह 2100 कंटेनर भेजे जाते हैं उत्पाद
-आईसीडी मुरादाबाद से हर महीने औसतन 2100 कंटेनरों में हस्तशिल्प उत्पाद अमेरिका समेत अन्य देशों के लिए भेजे जाते हैं। इसमें 80 प्रतिशत 40 फीट के कंटेनर होते हैं। वहीं 20 फीट के कंटेनरों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है। हस्तशिल्प उत्पादों में पीतल, एल्युमिनियम, लकड़ी, कांच के होम डेकोर के उत्पाद होते हैं।
00
वर्जन...
-मिडिल ईस्ट की शिपिंग लाइन बंद होने के कारण पिछले पांच महीने से इन देशों के लिए निर्यात प्रभावित है। पहले हर महीने करीब 400 कंटेनर मिडिल ईस्ट भेजे जाते थे। शिपिंग लाइन शुरू होते ही कंटेनरों का संचालन फिर से सामान्य कर दिया जाएगा।-हरीश यादव, टर्मिनल मैनेजर, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया