मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में करवाई जा रही मिड डे मील की व्यवस्था अभी एनजीओ के पास ही रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर के विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता की जांच करवाई जा रही है।
मुरादाबाद नगर क्षेत्र में करीब 114 विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 13 हजार विद्यार्थियों के भोजन की जिम्मेदारी एनजीओ संभाल रहे थे। भोजन में गुणवत्ता में कमी, साफ-सफाई की शिकायतें हुई थीं। कुछ स्कूलों के बच्चों ने यह भी बताया था कि मशीन से बनने वाली रोटियां सूखी होती हैं और खाने में भी अच्छी नहीं लगतीं। कई स्कूलों में बच्चे मिड डे मील छोड़ अपने घर से खाना लाकर भी खाते थे। लगातार मिलती शिकायतों के बाद तत्कालीन डीएम ने व्यवस्था में बदलाव के निर्देश जारी किए। इसके बाद तत्कालीन बीएसए ने जिले के नगरीय क्षेत्रों के विद्यालयों में स्वयं सेवी संस्थाओं के स्थान पर विद्यालय स्तर पर भोजन बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि भोजन बनाए जाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। पहले यह व्यवस्था नए शैक्षिक सत्र से शुरू होनी थी, लेकिन बाद में 20 मई तक एनजीओ के संचालन को कहा। अब ग्रीष्मावकाश के दौरान भी विद्यालयों में अपने स्तर से भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने कहा कि तत्काल संसाधन उपलब्ध होने में चुनौती आ रही है। इसलिए अभी मिड डे मील की व्यवस्था एनजीओ के पास ही है। हालांकि लगातार खाने की गुणवत्ता की जांच करवाई जा रही है। जिला स्तरीय अधिकारी नगर के विद्यालयों में भ्रमण कर रहे हैं।