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12 घंटे ठप रही निजी चिकित्सा सेवाएं, इलाज को भटके मरीज

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चिकित्सकों की हड़ताल के चलते खाली पड़ा एक निजी अस्पतात
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मुरादाबाद। केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद डाक्टरों को सर्जरी करने की अनुमति देने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डाक्टर शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बारह घंटे निजी चिकित्सा सेवाएं ठप रही। ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड एक्सरे सेंटर बस बंद रहे। दूर दराज से आए मरीजों को इलाज केलिए परेशानी उठानी पड़ी या फिर बिना इलाज मायूस घर लौटना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी और कोविड-19 सेवा बहाल रही।
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केंद्र सरकार ने आयुर्वेद डाक्टरों को भी सर्जरी की अनुमति दे दी है। इसका इंडियन मेडिकल एसोसिएशन विरोध कर रहा है। नेशनल आईएमए के आह्वान पर सोमवार को दो घंटे सांकेतिक हड़ताल पर रहे मुरादाबाद शाखा के डाक्टरों ने शुक्रमवार को बारह घंटे का एलान किया था। इसके चलते सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक शहर के लाजपतनगर, हरपाल नगर, कटघर, सिविल लाइन, कांठ रोड, मधुबनी, आशियाना में क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद रहे। न तो ओपीडी सेवा चली और न ही किसी प्रकार की जांच हुई। डाक्टरों की हड़ताल से अंजान शहर पहुंचे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। क्लीनिक बंद होने पर दूूसरे और तीसरे क्लीनिक का चक्कर लगाते रहे। हर जगह मायूसी हाथ लगी। यही नहीं एक्सरे और पैथोलोजी जांच के लिए भी मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। प्राइवेट में इलाज नहीं मिलने पर जरूरतमंद मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचे।
बड़ी मुश्किल से मिला इलाज
मुरादाबाद। लालबाग निवासी हाजी हनीफ को आंखों में परेशानी थी। वह इलाज कराने प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें इलाज नहीं मिल सका। काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें इमरजेंसी में इलाज मिला।
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बुढ़नपुर से बेटे का इलाज कराने पहुंची रेश्मा
मुरादाबाद। आईएमए के डाक्टरों की हड़ताल से अंजान बुढ़नपुर निवासी रेश्मा अपने दस वर्षीय बेटे का इलाज कराने मुरादाबाद पहुंच गई। लेकिन प्राइवेट अस्पताल बंद मिला। काफी देर तक गुजारिश करने पर उन्हें इमरजेंसी में इलाज मिला।
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