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28 जनवरी को एमडीए बोर्ड की बैठक में होगा निकाले गए कर्मचारियों की बहाली का फैसला, हड़ताल स्थगित

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सिविल लाइन स्थित अम्बेडकर में धरने पर बैठे एमडीए कार्यालय से निकाले गये कर्मचारी के परिवार वाले? - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह ने एमडीए से निकाले गए दैनिक वेतन भोगी 110 कर्मियों की बहाली का आश्वासन दे दिया है। उन्हाेंने 28 जनवरी को बोर्ड बैठक रखने के निर्देश दिए हैं। उधर कर्मचारी संगठनों ने भी 28 जनवरी तक के लिए ही हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया। हालांकि एमडीए गेट पर पूर्व की भांति धरना जारी रखने की घोषणा की गई है।
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मुरादाबाद कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार एमडीए के 110 कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इससे स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं, वहीं मोहल्लों से कूड़ा तक नहीं उठा, जबकि सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया। सुबह से ही कर्मचारी अपने अपने कार्यालयों से जुलूस निकालकर अंबेडकर पार्क में एकत्र होने लगे। इससे प्रशासन सकते में आ गया। इधर कर्मचारी नेताओं ने मंच संभाल लिया। विशाल सभा में 110 कर्मचारियों को हटाए जाने के मामले में एमडीए उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी की कड़ी भर्त्सना की गई। इस दौरान कर्मचारी एकता जिंदाबाद और एमडीए प्रशासन मुर्दाबाद आदि के नारे लगाए गए।
दोपहर को सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह, एसीएम और एएसपी अनिल यादव धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की बहाली के लिए आयुक्त की तरफ से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया कि आयुक्त ने 28 जनवरी को एमडीए बोर्ड की बैठक बुलाने का निर्देश एमडीए वीसी को दिया है। इन कर्मियों की बहाली के लिए आयुक्त के काफी गंभीर होने की जानकारी दी। साथ ही हड़ताल स्थगित करने की अपील की। कमिश्नर का संदेश पाकर मुरादाबाद कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष संदीप बडोला ने सभी कर्मचारियों के साथ विचार विमर्श किया। सभी की सहमति के बाद एलान किया कि 28 जनवरी तक के लिए हड़ताल स्थगित की जाती है। कहा कि अब 28 जनवरी को सभी कर्मचारी एमडीए दफ्तर पर एकत्र होंगे। बोर्ड की बैठक में 110 कर्मियों की बहाली नहीं होने पर उसी समय अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। साथ ही बहाली होने तक एमडीए गेट पर पूर्व की भांति धरना चालू रखने की भी घोषणा कर दी। धरने का संचालन हेमंत चौधरी व निश्चल भटनागर ने किया।
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सभा को इन लोगों ने किया संबोधित
समन्वय समिति के सचिव सुबहान अली, सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओमीलाल वाल्मीकि, आसिफ हसन, शिवकुमार, रंजीत सिंह काका, वृंदावन दोहरे, संजय कुमार सत्संगी, सरदार सिंह, चंद्रशेखर शर्मा, अरविंद वर्मा, गोपी किशन, राकेश शर्मा, देवेंद्र सिंह चौहान, अमर सिंह सागर, विपिन भट्ट, अशोक शर्मा, शालिनी भटनागर, श्रीकांत यादव, जेपी मौर्या, सोमपाल सिंह, अवधेश अग्रवाल, विपिन रस्तोगी, मुनीश भटनाकर, उमेश शुक्ला, पुष्पेंद्र सिंह, मनोज तिवारी, राजीव पाल, अवधेश चौधरी, चंद्रभान सिंह आदि।
कमिश्नर से आज मिलेगा कर्मचारी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल
समन्वय समिति में शामिल कर्मचारी नेताओं का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को सुबह 11 बजे से कमिश्नर से उनके कार्यालय में मुलाकात करेगा। अध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा है कि वह कमिश्नर से वार्ता के दौरान उन्हें अवगत करा देंगे कि यदि 28 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में 110 कर्मियों की बहाली न हुई तो उसी दिन से पूर्व हड़ताल की घोषणा कर दी जाएगी।
एमडीए उपाध्यक्ष ने बोर्ड के निर्णय पर छोड़ा मामला
एमडीए उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने मामले में कहा है कि उन्होंने दैनिक वेतन भोगी 110 कर्मियों की सेवाओं का अनुमोदन करने का निर्णय बोर्ड पर छोड़ दिया था। इसी के तहत उन्होंने अनुमोदन नहीं किया। कमिश्नर ने इस पर विचार कर निर्णय करने के लिए बैठक बुलाने को कहा है। वीसी के मुताबिक कर्मियों के मामले में बोर्ड यदि कोई निर्णय करता है तो उन्हें कोई आपत्ति न थी और न होगी।
संभल-चंदौसी मार्ग पर एक घंटे नहीं चलीं बसें
मुरादाबाद। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। इससे दोपहर 12 से एक बजे तक एक घंटे बसें नहीं चलीं। रोडवेज कर्मचारियों ने एमडीए वीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर 12 से 1 बजे तक संभल-चंदौसी मार्ग पर बसों का संचालन बंद रखा गया। इससे यात्रियों को बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं कुछ यात्री प्राइवेट बसों से रवाना हो गए। इस मौके पर चंद्रभान सिंह, एसपी सिंह, सुनील वालिया, उदयवीर सिंह, चंद्रकेश, वीर सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एमडीए उपाध्यक्ष के निर्णय पर कमिश्नर ने उठाए सवाल, पत्र भेजा
मुरादाबाद। कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह ने 110 कर्मियों की सेवाएं खत्म किए जाने को लेकर एमडीए उपाध्यक्ष के निर्णय पर सवाल उठा दिए हैं। कमिश्नर ने लिखा है कि बोर्ड बैठक में कर्मियों के वेतन बिंदु पर विचार किया गया। समायोजन पर कोई विचार ही नहीं किया गया। वहीं शासनादेशों को बोर्ड के समक्ष रखा ही नहीं गया। उन्होंने उपाध्यक्ष के अनुमोदन न करने के निर्णय को इसके विपरीत बताया है।
कमिश्नर ने यह पत्र कर्मचारी आंदोलन को देखते हुए 21 जनवरी को एमडीए उपाध्यक्ष को लिखा है, जिसमें कहा है कि 110 दैनिक वेतन कर्मियों की सेवा समाप्ति के संबंध में दी गई आख्या और कर्मचारी संयुक्त संगठन के पत्र का परीक्षण किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि चार दिसंबर 2020 को प्राधिकरण बोर्ड की 122वीं बैठक में दैनिक वेतन और सफाई कर्मचारियों के वेतन निर्धारण और समायोजन पर विचार होना था। बोर्ड बैठक कार्यवृत्त में सिर्फ वेतन विंदु पर विचार किया गया और कार्मिकों को वर्तमान में दिया जा रहा वेतन यथावत रखे जाने का निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में इन कर्मचारियों को हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया, लेकिन एमडीए उपाध्यक्ष ने 20 दिसंबर के बाद कर्मियों की सेवा पत्रावलि पर अनुमोदन नहीं किया, जिससे उनकी सेवाएं खत्म हो गईं। पत्र में यह भी लिखा है कि समायोजन के संबंध में समय समय पर हुए शासनादेशों और पूर्व उपाध्यक्ष की आख्या को भी बोर्ड बैठक में नहीं रखा गया। इसके विपरीत उपाध्यक्ष ने 110 कर्मियों की सेवाओं के अनुमोदन की स्वीकृति न देने का निर्णय कर लिया गया। मंडलायुक्त ने लिखा है कि कर्मियों को आगामी अनुमोदन न दिए जाने से उनके परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी कारण वह सभी आंदोलन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है और किसी भी समय अप्रिय घटना घटित हो सकती है। कमिश्नर ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष परिस्थितियों में तत्काल प्राधिकरण की विशेष बैठक बुलाने का निर्देश दिया है ताकि कर्मियों के समायोजन के संबंध में समय समय पर जारी शासनादेशों, बोर्ड में पूर्व के प्रस्तावों और शासन को भेजे गए पत्रों व विधिक व्यवस्थाओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जा सके।

सिविल लाइन स्थित अम्बेडकर में धरने पर बैठे एमडीए कार्यालय से निकाले गये कर्मचारी के परिवार वाले?- फोटो : CITY

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