मुरादाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के दावों और वार्डों की जमीनी स्थिति के बीच बृहस्पतिवार को टाउनहॉल में हुई बैठक में टकराव देखने को मिला। मेयर विनोद अग्रवाल ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। जबकि पार्षदों ने कहा कि सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी वार्डों में गंदगी बेहिसाब है। कई वार्डों में कूड़ा तक नियमित नहीं उठ रहा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर स्वच्छ वातावरण निगरानी समिति की बैठक में वार्डों की सफाई व्यवस्था और पार्षदों की जिम्मेदारी पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान पार्षदों ने वार्ड स्तरीय समितियों के अध्यक्ष को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि वार्ड उनका है लेकिन समिति का अध्यक्ष किसी दूसरे व्यक्ति को बनाया गया है। इस मुद्दे पर वार्ड-47 के पार्षद गौरव श्रीवास्तव और अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह के बीच बहस भी हुई।
पार्षदों ने कहा कि कई वार्डों में चार दिन में एक बार कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। गलियों तक कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचतीं। ऐसे में लोग घरों का कूड़ा खाली प्लाॅटों में डालने के लिए मजबूर हैं। वार्ड-47 से पार्षद गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि उनके वार्ड में सफाई कर्मी चार दिन में एक बार आते हैं। वार्ड-21 से पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मी नियमित नहीं आते। बार-बार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। बैठक में सभी 70 वार्डों के पार्षदों को बुलाया गया था लेकिन सिर्फ 20 पार्षद ही पहुंचे। बैठक के दौरान सफाई व्यवस्था पर खर्च और जमीनी स्थिति को लेकर पार्षदों की नाराजगी साफ दिखाई दी।
वर्जन
स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति का अध्यक्ष पार्षद से अलग किसी व्यक्ति को बनाए जाने पर पार्षदों में नाराजगी थी। इसे लेकर शुक्रवार को पत्र जारी कर दिया जाएगा। सभी वार्डों में निगरानी समिति के अध्यक्ष पार्षद ही हैं। -विनोद अग्रवाल, महापौर
बैठक में वार्डों में स्वच्छता को लेकर पार्षदों की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई थी। निगरानी समितियों के अध्यक्ष पार्षद ही हैं। निगम ने किसी अन्य व्यक्ति को दायित्व नहीं दिया। सभी मिलकर सहयोग करेंगे तो हर वार्ड साफ हो जाएगा। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त