करीब 14 दिनों तक रिमांड में रखने के बाद हिरासत में लिए गए बांसखेड़ी के मौलाना गुफरान को एनआईए ने छोड़ दिया। एनआईए की हिरासत से तीन दिन बाद वह शनिवार को गांव पहुंचा। जहां उसे देखने के लिए गांववालों की भीड़ जुट गई। नौ बार की पूछताछ के बाद एनआईए ने 16 जनवरी को उसे हिरासत में ले लिया था। हालांकि सोमवार को एनआईए ने गुफरान को फिर दिल्ली बुलाया है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव बांसखेड़ी निवासी गुफरान 26 दिसंबर को अमरोहा से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल और हापुड़ से गिरफ्तार मुफ्ती शाकिब के संपर्क में था। एनआईए गुफरान से तीन जनवरी से पूछताछ कर रही थी। 16 जनवरी को हिरासत में लेने के बाद एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने गुरुवार तड़के गुफरान के घर पर छापा मार दिया था।
कार्रवाई के दौरान एनआईए गुफरान को गांव लेकर पहुंची थी। जहां एनआईए ने गुफरान के घर की पांच घंटे तलाशी ली। टीम ने संदिग्ध के शैक्षिक प्रमाण पत्र, उसके पिता और भाई के मोबाइल, आईकार्ड समेत करीब छह सामान कब्जे में ले लिया। बुधवार से एनआईए की हिरासत में रहा गुफरान शनिवार दोपहर अपने गांव पहुंचा। तीन दिन हिरासत में रखने के बाद एनआईए ने उसे घर भेज दिया। सोमवार को एनआईए ने उसे दिल्ली ऑफिस में उपस्थित रहने को कहा है। गुफरान के गांव पहुंचने पर उसके घर लोगों की भीड़ जमा हो गई।