मंडी सचिव संजीव कुमार ने इस तरह की कोशिशों को रुकवाते हुए सख्ती शुरू की है। पिछले दिनों कुछ स्थानों पर शेड भी हटवाए गए थे। मंडी प्रशासन की इस कवायद से परिसर के कुछ आढ़तियों और दुकानदारों में नाराजगी है। असंतुष्ट व्यापारी राजनीतिज्ञों व जनप्रतिनिधियों तक भी अपनी बात पहुंचा चुके हैं।
मंडी सचिव ने बताया कि सोमवार दिन में करीब 12 बजे वह अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान वहां कुछ लाइसेंसी आढ़ती और दुकानदार पहुंचे। इनमें से एक व्यक्ति ने फोन निकाल कर विधायक रितेश गुप्ता को कॉल लगा दी। विधायक के फोन लाइन पर आते ही सचिव ने बातचीत शुरू कर दी।
सचिव का कहना है कि उन्होंने समझाया कि मंडी में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। इस पर विधायक ने उनके साथ गाली गलौज की। मंडी में आकर सबक सिखाने की धमकी दी। सचिव के मुताबिक करीब आधा घंटे बाद उनके कार्यालय में 10-15 लोग आ धमके। इन लोगों ने दरवाजा बंद कर लिया और उनके साथ मारपीट की।
इस बीच लात मारकर उनकी कुर्सी गिरा दी और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। इसके बाद सभी धमकी देते हुए चले गए। सचिव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने डीएम अनुज सिंह से शिकायत की। तब एडीएम सिटी ज्योति सिंह और एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह फोर्स के साथ मंडी परिसर पहुंचे।
सचिव और कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। वह दुकानें भी देखीं जहां अतिक्रमण किए जाने की बात कही जा रही है। सचिव और कर्मचारियों को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज कराए गए। पुलिस मंडी परिसर में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।