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Moradabad News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों का फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाला महफूज साथी संग गिरफ्तार

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तिहाड़ जेल में बनी थी जान-पहचान, जेल से बाहर आते ही शुरू किया फर्जी पासपोर्ट का धंधा
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साढ़े तीन लाख रुपये में पासपोर्ट बनवाने का सौदा, रवि के नाम से आकाश का पासपोर्ट बनवाने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। लॉरेंस बिश्नोई और गोगी गैंग से जुड़े बदमाशों के लिए फर्जी पहचान के सहारे पासपोर्ट तैयार कराने वाले गिरोह का कटघर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अगवानपुर निवासी महफूज उर्फ भूरा दलाल और फरीदाबाद निवासी आकाश को गिरफ्तार किया है। दोनों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, ग्राम प्रधान और पार्षदों के लेटर पैड, मोहरें, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, चेकबुक और बिजली के बिल बरामद किए गए हैं।
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि महफूज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। उसकी मुलाकात तिहाड़ जेल में आकाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने विदेश जाने के लिए फर्जी पहचान पर पासपोर्ट बनवाने के लिए महफूज से संपर्क किया। इसके एवज में उसने महफूज को साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे। महफूज उर्फ भूरा दलाल अगवानपुर का रहने वाला है और वर्तमान में मझोला के पीर का बाजार में रह रहा था। वहीं आकाश हरियाणा के फरीदाबाद के फरीदपुर का निवासी है। दोनों को बुधवार दोपहर रामगंगा पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आकाश ने मथुरा निवासी अपने फुफेरे भाई रवि पुत्र प्रेम स्वरूप का आधार कार्ड महफूज को दिया था। इसी पहचान के आधार पर आकाश का पासपोर्ट बनवाने के लिए कटघर क्षेत्र के ताजपुर माफी गांव का पता दिया गया। पुलिस ने जब पते का सत्यापन किया तो रवि नाम का कोई व्यक्ति वहां नहीं मिला। आवेदन संदिग्ध मिलने पर उसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी आरोपियों ने दोबारा पासपोर्ट बनवाने की तैयारी शुरू कर दी। पासपोर्ट बनने से पहले ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। आरोपी महफूज ने 2023 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दीपक बॉक्सर का भी रवि अंतिल नाम से पासपोर्ट बनवाया था। इस मामले में महफूज जेल गया था।
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बिजली बिल से खुला फर्जीवाड़ा
पुलिस को महफूज के बनाए दस्तावेजों की जांच के दौरान एक और मामला मिला। उसने पवन नाम के व्यक्ति का पासपोर्ट ताजपुर गांव के पते से बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसमें लगाए गए बिजली के बिल की जांच की गई तो वह महफूज की पत्नी के नाम निकला। इसके बाद पुलिस ने महफूज की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।

यह सामान हुआ बरामद
मुरादाबाद। छह बैंक पासबुक, पांच चेकबुक, 25 आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, पांच जन्म प्रमाणपत्र, फर्जी अंकपत्र, बिजली के बिल, बैंक खाता खोलने के प्रपत्र और दो आरसी बरामद की हैं। इसके अलावा ताजपुर माफी के ग्राम प्रधान के आठ लेटर पैड और अलग-अलग वार्डों के पार्षदों व सभासदों के लेटर पैड भी मिले हैं। इन दस्तावेजों से पुलिस को आशंका है कि गिरोह फर्जी पहचान तैयार करने के लिए अलग-अलग सरकारी और स्थानीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।

बरेली के मुकेश शर्मा से जुड़ा कनेक्शन
मुरादाबाद। सीओ कटघर गौरव त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में महफूज ने बरेली के किला थाना क्षेत्र के छोटी बबनपुरी निवासी मुकेश शर्मा का नाम भी बताया है। बरेली पासपोर्ट कार्यालय में मुकेश की जान-पहचान थी और उसकी मदद से पहले भी पासपोर्ट तैयार कराए गए थे। मुकेश भी फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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जेल में बना नेटवर्क, टेलीग्राम के जरिये जुड़ा जेम्स
मुरादाबाद। पूछताछ में आकाश ने बताया कि वह रंगदारी मांगने के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने टेलीग्राम के जरिये जेम्स नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया। जेम्स ने उसकी मुलाकात मुकेश शर्मा और महफूज से कराई। उसे भरोसा दिया गया कि जेल से बाहर आने के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार करा दिया जाएगा और वह विदेश जा सकेगा।
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