शहर में राशन की दस दुकानों से रियायती दाल की बिक्री कराई जाएगी। रविवार को दुकानों का चयन कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी डिपो पर सरकारी कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। जब तक दाल की कीमतों पर कंट्रोल नहीं होगा तब तक रियायती दाल की बिक्री जारी रहेगी।
दाल की कीमतों पर बवाल मचा है। अरहर की दाल 220 रुपये किलो तक पहुंच गई है। स्थिति यह है कि आम आदमी की रसोई से दाल दूर होती जा रही है। शासन ने माना है कि जमाखोरी के कारण दाल की कीमतों में निरंतर उछाल आ रहा है। लिहाजा दाल के सभी बड़े कारोबारियों का स्टाक चेक कराने का आदेश किया गया है।
जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने बताया कि शहर में राशन की दुकानों से सस्ती दाल की बिक्री कराने की तैयारी है। कुल दस प्वाइंट पर दाल की बिक्री होगी। रविवार तक दुकानों का चयन कर लिया जाएगा। इन दुकानों पर रियायती दरों पर दाल की बिक्री कराई जाएगी। हर डिपो पर सरकारी कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
सस्ती दाल के यह डिपो तब तक चलते रहेंगे जब तक दाल की कीमतें कंट्रोल नहीं हो जाती हैं। कर्मचारी कल्याण निगम के डिपो से भी दाल की बिक्री कराने पर विचार किया जा रहा है। वहीं शासन ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि वह दाल को लेकर नियमित निगरानी कराते रहें। अगर कहीं से जमाखोरी की शिकायत आती है तो तत्काल जांच कराई जाए। स्टाक भी चेक किया जाए।